सीतापुर जेल से महीने बाद रिहा होने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने योगी सरकार द्वारा बहाल की गई Y श्रेणी सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार की ओर से लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक पुलिस सुरक्षा नहीं लूंगा।
लिखित सबूत के बिना नहीं लेंगे सुरक्षा
आजम खान ने मंगलवार को रामपुर में अपने आवास पर दिए गए बयान में कहा, “पहली बात तो मुझे उसकी कोई इत्तला नहीं है और मैंने आज उन कांस्टेबल से भी कहा कि जब तक मेरे पास कोई तहरीरी सबूत नहीं आता कि मुझे सुरक्षा मिली हुई है, उस हद तक मैं इसको लेने के लिए तैयार नहीं हूं”। उन्होंने कहा कि हालात ने उन्हें इतना सिखा दिया है कि वह बिना लिखित आदेश के सुरक्षा स्वीकार नहीं करेंगे।
21 साल की सजा का हवाला देते हुए उठाए सवाल
सपा नेता ने अपनी सजा का हवाला देते हुए कड़े सवाल उठाए और कहा, “सरकारी जमीनों पर लोगों के नाजायज कब्जे हटे, सरकार ने हटाए। उस पर तामीरात हुई, सरकार ने की। उन बने हुए मकानात का अलॉटमेंट हुआ, सरकार ने किया और 21 साल की सजा मुझे हुई। 36 लाख का जुर्माना मुझ पर पड़ा”। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वह कैसे भरोसा करें कि खाकी वर्दी पहने और हथियार लिए हुए लोग उत्तर प्रदेश सरकार के हैं।
वाहन और खर्च की मांग
आजम खान ने कहा कि उनकी माली हालत इस वक्त ऐसी नहीं है कि वह सुरक्षा के लिए कोई सवारी मुहैया करा सकें। उन्होंने कहा, “अगर आप सिक्योरिटी दे रहे हैं तो इन्हें बैठाने के लिए मेरे पास गाड़ी नहीं है। Y सिक्योरिटी में यह प्रोविजन है कि आप गाड़ी, तेल, ड्राइवर वो सब मुहैया कराएंगे जो मुझे अभी तक नहीं कराया गया है”।
सजायाफ्ता को सुरक्षा पर सवाल
उन्होंने एक हिंदी अखबार में छपी खबर का हवाला देते हुए कहा कि सरकार में विचार हो रहा है कि जब उन्हें Y श्रेणी की सुरक्षा मिली थी तब वह सजायाफ्ता नहीं थे, लेकिन अब 21 साल की सजा और 36 लाख के जुर्माने के बाद क्या सजायाफ्ता को सुरक्षा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि 113 और मुकदमों के फैसले बाकी हैं, ऐसे में जब तक उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिलेगा, वह कैसे भरोसा करेंगे।
विरोधियों की सुरक्षा से तुलना
आजम खान ने अपने राजनीतिक विरोधियों की सुरक्षा से तुलना करते हुए कहा कि जो एक बार विधायक रहे हैं, उनके पास दो-दो गनर हैं और कुछ के पास तो Z सुरक्षा भी है। उन्होंने कहा, “हमारे विरोधियों के पास जिन्होंने शहर लूट लिया, आबरू लूट ली, जिन्होंने लोकतंत्र लूट लिया, सारी व्यवस्था लूट ली, उनके पास सेंट्रल गवर्नमेंट के कमांडोज हैं इस मुर्गी चोर के लिए। तो कम से कम उतनी सुरक्षा तो मुझे दी जाए जितनी सुरक्षा मेरे विरोधियों के पास है”।
कोई हादसा हो जाए तो कह देना मरहूम बहुत अच्छे आदमी थे
आजम खान ने बताया कि वह दौरों पर जाने की हिम्मत नहीं करते और बार-बार चेकअप के लिए दिल्ली अकेले जाते हैं, और अकेले आते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगर उनके साथ कोई हादसा हो जाए तो विधानसभा और संसद में एक कंडोलेंस हो जाएगी और कह दिया जाएगा कि मरहूम बहुत अच्छे आदमी थे।
वाई श्रेणी की सुरक्षा बहाल
योगी सरकार ने शनिवार 12 अक्टूबर को आजम खान की Y श्रेणी सुरक्षा फिर से बहाल कर दी थी। इस सुरक्षा में 8 से 11 सुरक्षा कर्मी शामिल होते हैं, जिनमें CRPF कमांडो, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) और पुलिस कर्मी होते हैं। सुरक्षा के तहत AK-47, इंसास राइफल्स और बुलेटप्रूफ गाड़ी का प्रावधान होता है।
कोर्ट में दोषी पाए जाने और विधानसभा से अयोग्य घोषित होने के बाद आजम खान की Y श्रेणी सुरक्षा पहले वापस ले ली गई थी। जेल से रिहा होने के बाद उनके आवास पर लगातार आने वाले लोगों की भीड़ और संभावित कानून-व्यवस्था की चिंताओं को देखते हुए सुरक्षा बहाल की गई थी।