बरेली में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शातिर अपराधी आसिफ अली उर्फ आशू को उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत छह माह के लिए जनपद बरेली से निष्कासित (जिला बदर) कर दिया है। थाना बारादरी पुलिस ने आदेश की प्रति की तामीला कराते हुए अभियुक्त को जनपद पीलीभीत की सीमा स्थित पुलिस चौकी शाही, थाना जहानाबाद पर छोड़ा।
आसिफ अली उर्फ आशू का आपराधिक इतिहास
आसिफ अली उर्फ आशू एक मनबढ़ एवं शातिर प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके विरुद्ध थाना बारादरी में कई गंभीर आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। उसके खिलाफ कई बार पुलिस ने कार्रवाई की है, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। लगातार आपराधिक गतिविधियों और आचरण में सुधार न होने पर थाना पुलिस ने दिसंबर 2024 में उसके विरुद्ध गुण्डा एक्ट की रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट को भेजी थी।
जिला बदर की कार्रवाई
विचारणोपरांत 29 सितंबर 2025 को न्यायालय ने यह आदेश पारित किया। जिला मजिस्ट्रेट बरेली द्वारा पारित आदेश (वाद सं. 1507/2024, सरकार बनाम आसिफ अली उर्फ आशू) के अनुपालन में थाना बारादरी पुलिस ने आदेश की प्रति की तामीला कराते हुए अभियुक्त को जनपद पीलीभीत की सीमा पर छोड़ा। पुलिस ने चेतावनी दी कि निष्कासन अवधि के दौरान यदि वह बरेली जनपद की सीमा में प्रवेश करता है, तो गुण्डा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने कहा कि आसिफ अली उर्फ आशू को जिला बदर करने का उद्देश्य अपराधियों को सबक सिखाना है। यदि वह बरेली जनपद की सीमा में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें आसिफ अली उर्फ आशू के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
जिला बदर की कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, हेड कांस्टेबल आशीष कुमार मिश्र, राहुल कुमार, कांस्टेबल अमन कुमार एवं कांस्टेबल चालक मुकेश कुमार शामिल रहे। पुलिस टीम ने अपनी कार्रवाई के दौरान आसिफ अली उर्फ आशू को कड़ी चेतावनी दी और उसे जिला बदर करने की कार्रवाई को अंजाम दिया।