विकास श्रीवास्तव
बदायूं महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं द्वारा "मिशन शक्ति फेज 5.0" के अंतर्गत महात्मा गांधी पालिका इंटर कॉलेज, उझानी में एक विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ एडीजे व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिव कुमारी द्वारा किया गया।
शिविर की शुरुआत में असिस्टेंट एलएडीसी कशिश सक्सेना ने छात्राओं को उनके विधिक अधिकारों से अवगत कराया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण कानून, उपभोक्ता अधिकार, और भारतीय संविधान में वर्णित अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव निषेध), अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार), अनुच्छेद 21ए (शिक्षा का अधिकार) जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, निःशुल्क विधिक सहायता अधिनियम 1987 की धारा 12 और सरकार द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर जैसे 112, 1090, 1076, 15100 के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
शिव कुमारी (एडीजे) ने छात्राओं को सोशल मीडिया का सतर्कतापूर्वक उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करना चाहिए और अश्लील सामग्री से दूरी बनाकर अपना भविष्य सुरक्षित रखना चाहिए। उन्होंने "गुड टच और बैड टच" की भी विस्तार से जानकारी दी, जिससे छात्राएं स्वयं की सुरक्षा के लिए सजग बन सकें।
कार्यक्रम में महिलाओं के मौलिक अधिकार, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम, और पॉक्सो एक्ट की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही छात्राओं को प्रेरणा देते हुए देश की प्रख्यात महिलाओं जैसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, और भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के उदाहरण प्रस्तुत किए गए।
शिविर के अंत में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (13 दिसंबर 2025) के विषय में जानकारी दी गई, जिसमें प्री-लिटिगेशन स्तर पर वादों का आपसी सुलह से निस्तारण कराया जा सकता है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. संजीव कुमार तोमर, स्कूल स्टाफ, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का स्टाफ, और पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन अध्यक्ष की अनुमति से हुआ।