अबकी लोगों को पटाखे खरीदने के लिए शहर से दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कई वर्षों बाद इस बार इस्लामिया ग्राउंड के साथ जीआईसी मैदान पर भी पटाखा बाजार लगेगा। डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी की रिपोर्ट पर दोनों ही स्थलों पर पटाखा बाजार लगाने की अनुमति दे दी है। डीएम की मंजूरी के बाद एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने फाइनल सूची जारी कर दी है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नौ स्थानों पर अस्थाई पटाखा बाजार शनिवार से लेकर सोमवार तक यानी तीन दिन लगेगा।
मनोहर भूषण इंटर कॉलेज के मैदान पर करीब 30 दुकानें, सदर बाजार में चर्च के पास सड़क किनारे 10 दुकानें, रामलीला मैदान हार्टमन कॉलेज में करीब 40 दुकानें, इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान में करीब 30 दुकानें, बिशप कॉनराड स्थल जूनियर विंग से सटी खड़ंजा पट्टी पर करीब 10 दुकानें और राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में 40 दुकानों के लाइसेंस जारी करने के लिए नगर मजिस्ट्रेट को नामित किया है।
सुभाषनगर रेलवे मैदान में करीब 15 दुकानें, सीबीगंज में आईटीआर की भूमि पर करीब 15 दुकानें और तिलक इंटर कॉलेज मैदान में करीब 5 दुकानों के लाइसेंस अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय जारी करेंगे। डीएम की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अस्थाई आतिशबाजी विक्रय दुकानों की संख्या किसी भी दशा में निर्धारित से अधिक नहीं होंगी।
दुकानों के मुख एक-दूसरे की ओर न होकर अलग-अलग दिशाओं में होंगे। प्रत्येक दुकान के मध्य न्यूनतम करीब तीन मीटर की दूरी रखी जाएगी। अस्थाई दुकानों का आकार 25 वर्ग मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं, पटाखों की दुकानों के अलावा स्टॉल, प्रदर्शनी आदि की दुकानें लगाना पूर्णिता प्रतिबंध रहेगा।
पटाखा बाजार में ग्राहकों के वाहनों को नहीं मिलेगा प्रवेश
अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे ने जारी किए आदेश में कहा है कि अस्थाई आतिशबाजी विक्रय के लिए चिह्नित स्थलों पर ग्राहकों के वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। वाहनों को अस्थाई दुकानों से करीब 50 मीटर पहले ही रोक दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आगंतुकों और दुकानदारों के वाहन सड़क की ट्रैफिक व्यवस्था में बाधा उत्पन्न न करें, ऐसी व्यवस्था करें।
एडीएम सिटी की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि नगर मजिस्ट्रेट और एसीएम द्वितीय अस्थाई पटाखा कारोबारियों को लाइसेंस जारी करने के बाद उनकी सूची जीएसटीएन नंबर सहित अपर आयुक्त ग्रेड-1, राज्य कर बरेली जोन को उपलब्ध करा दें। वहीं, लाइसेंस धारकों को निर्देश दिए गए हैं कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को आतिशबाजी न बेचें।