जनपद के पंवारिया क्षेत्र के गांव रोशन बाग में बालश्रम का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, यहां एक गोदाम में छोटे-छोटे बच्चों से कोको पेपर की पैकिंग कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि इन बच्चों को यह तक नहीं पता कि वे किस वस्तु की पैकिंग कर रहे हैं। आरोप है कि गोदाम मालिक कम पैसों में बच्चों से काम करवाकर अधिक मुनाफा कमा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस उम्र में बच्चे स्कूल में पढ़ाई और खेलकूद में व्यस्त रहने चाहिए, उसी उम्र में वे गोदाम में घंटों काम कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है। प्रशासन जहां एक ओर शिक्षा और बाल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रहा है, वहीं इस तरह की गतिविधियां इन प्रयासों पर सवाल खड़े करती हैं।
इस मामले में गोदाम मालिक से बात की गई तो उसने कहा कि “उसके गोदाम में कोई नाबालिग काम नहीं करता। यदि कोई व्यक्ति अपने साथ बच्चे लेकर आता है, तो मैं क्या कर सकता हूं।” उसने यह भी दावा किया कि उसके पास सभी आवश्यक परमीशन हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि गोदाम में जिस सामग्री की पैकिंग की जाती है, वह नशीली वस्तुओं के सेवन में उपयोग की जाती है। जबकि प्रशासन लगातार नशीले पदार्थों और अवैध व्यापार के खिलाफ अभियान चला रहा है, वहीं इस गोदाम में पैकिंग और सप्लाई जारी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करता है।