जागरण टुडे, कासगंज।
इस वर्ष दीपावली का पर्व दो दिनों में मनाया जाएगा। अमावस्या तिथि सोमवार और मंगलवार दोनों दिन पड़ने के कारण लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई ज्योतिषाचार्यों ने सोमवार को लक्ष्मी-गणेश पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त बताया है, वहीं कुछ विद्वानों का मत है कि मंगलवार को चंद्र दर्शन के साथ दीपावली मनाना अधिक शुभ रहेगा। इस कारण जिलेभर में दीपावली का पर्व दो दिनों में विभाजित रूप से मनाया जा रहा है।
शहर और गांवों में सोमवार से ही दीपों की जगमगाहट शुरू हो गई है। लोगों ने अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की सजावट रंगोली, झालरों और दीपमालाओं से कर ली है। मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। बाजारों में दीयों, मिट्टी के खिलौनों, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों और सजावटी सामानों की बिक्री जोरों पर है। धनतेरस के बाद से ही व्यापारियों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।
स्थानीय ज्योतिषाचार्य डां. गौरव कुमार दीक्षित के अनुसार, इस वर्ष अमावस्या तिथि सोमवार शाम से आरंभ होकर मंगलवार दोपहर तक रहेगी। “जो भक्त सोमवार की रात्रि में पूजा-अर्चना करेंगे, उन्हें धनलाभ का योग मिलेगा, वहीं मंगलवार को पूजा करने वालों के लिए भी शुभ फल प्राप्ति के योग बन रहे हैं,” उन्होंने बताया।
दीपावली के अवसर पर सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने भी विशेष इंतज़ाम किए हैं। जिलेभर में पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है। अग्निशमन विभाग की टीमें भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। विद्युत विभाग द्वारा बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्व के दौरान कोई व्यवधान न हो।
बच्चों में पटाखे जलाने का उत्साह देखा जा रहा है, जबकि पर्यावरण प्रेमी लोगों ने हरित दीपावली मनाने की अपील की है। नगर पालिका द्वारा सफाई और कचरा निस्तारण के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं।
कुल मिलाकर कासगंज में दीपावली पर्व उल्लास, सजावट और आस्था का संगम बन चुका है। चाहे सोमवार हो या मंगलवार, हर चेहरे पर खुशियों की चमक और दीपों की रोशनी नजर आ रही है।