एसपी अंकिता शर्मा, सीओ आंचल चौहान और कोतवाल जगदीश चंद्र ने लहरा गंगा घाट और कुष्ठ आश्रम में मनाया दीपोत्सव
दीपों का त्योहार दीपावली केवल घरों और बाजारों में रोशनी का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता और संवेदना का भी पर्व है। इसी भावना को साकार करते हुए कासगंज पुलिस ने इस बार दीपावली को जरूरतमंदों और असहाय लोगों के साथ मनाकर समाज में एक मिसाल पेश की।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकिता शर्मा, क्षेत्राधिकारी (सीओ) आंचल चौहान और सोरों कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश चंद्र ने अपनी टीम के साथ लहरा गंगा घाट और स्थानीय कुष्ठ आश्रम पहुंचकर गरीब, बेसहारा और वृद्धजन लोगों के बीच दीपावली की खुशियां साझा कीं। पुलिस अधिकारियों ने मिठाइयां, उपहार, नए वस्त्र और बच्चों को पटाखे वितरित किए।
एसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि “दीपावली का असली अर्थ तब पूरा होता है जब हम समाज के उन लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाएं, जो अक्सर त्यौहारों की खुशियों से दूर रह जाते हैं।” उन्होंने आश्रम के निवासियों से आत्मीयता के साथ बातचीत की और सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान सीओ आंचल चौहान ने भी कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था की रखवाली नहीं करती, बल्कि समाज की सेवा और मानवीय संवेदनाओं की प्रतीक भी है। उन्होंने बच्चों के साथ दीप जलाकर वातावरण को आनंदमय बना दिया।
कोतवाल जगदीश चंद्र ने बताया कि यह पहल पुलिस परिवार की तरफ से हर वर्ष की परंपरा बन चुकी है। “हम चाहते हैं कि हर व्यक्ति इस पर्व की भावना को समझे और दूसरों की मदद करने का संकल्प ले,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने सभी को दीपावली पर स्वच्छता और सुरक्षा का संदेश भी दिया। उन्होंने पटाखों का संयमित प्रयोग करने और पर्यावरण संरक्षण की अपील की।
गरीबों और बेसहारा लोगों ने पुलिस अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार की दीपावली उनके लिए यादगार बन गई। लहरा घाट और कुष्ठ आश्रम दीपों की रौशनी और खुशियों से झिलमिला उठा।