पुलिस मुठभेड़ में मारे गए डकैत शैतान के मामले में डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। एडीएम सिटी ने शनिवार को विज्ञप्ति जारी कर कहा कि केस के संबंध में कोई भी कोई जानकारी कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम कार्यालय में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर तक उपस्थित होकरदे सकते हैं।
एडीएम सिटी ने कहा है कि डीएम के आदेश के अंतर्गत 9 अक्टूबर की सुबह प्रभारी निरीक्षक को मुखबिर से सूचना मिली कि ईनामी वांछित अभियुक्त शैतान उर्फ इफ्तेकार उर्फ सोल्जर अपने साथी के साथ घटना की फिराक में बिथरी चैनपुर की तरफ से बीसलपुर चौराहा आएगा। प्रभारी निरीक्षक थाना बारादरी ने पुलिस टीम के साथ हेलो कैफे से थोड़ा आगे पहुंचकर बदमाशों के आने का इंतजार किया। कुछ समय बाद मोटरसाइकिल पर दो बदमाश हेलमेट लगाए हुए जाते दिखाई दिए। मुखबिर के इशारे पर बदमाशों को रुकने का इशारा करने पर बाइक के पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग की और पीलीभीत बाईपास पर भागने लगे।
प्रभारी निरीक्षक ने पीछा कर कंट्रोल रूम, एसओजी और अधिकारियों को सूचना दी। इस पर प्रभारी निरीक्षक इज्जतनगर, एसओजी 1 और 2 टीम ने रास्ते में रोकने का प्रयास किया और नहीं रुकने पर पीछा किया। बदमाशों ने नैनीताल रोड, भोजीपुरा की तरफ प्रभारी निरीक्षक भोजीपुरा की गाड़ी से चेकिंग देख अपनी बाइक खेत में मोड़ दी। सभी टीमें मौके पर पहुंच गयी। पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण के लिए कहा, जिसके जवाब में बदमाशों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश घायल तो दूसरा खेत में खड़ी फसल का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल बदमाश की पहचान शैतान उर्फ इफ्तेकार उर्फ सोल्जर के रूप में हुई थी।
वह थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में घटित डकैती की घटना में एक लाख का पुरस्कार घोषित अभियुक्त था। अभियुक्त को उपचार के लिए सीएचसी भोजीपुरा ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल बरेली रेफर किया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। वहीं एसओजी-1 की टीम में शामिल मुख्य आरक्षी राहुल हाथ में गोली लगने से घायल हो गया था।