जागरण टुडे,कासगंज।
सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित की पावन छत्रछाया में 78वां वार्षिक निरंकारी संत समागम 31 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा (हरियाणा) में अद्भुत दिव्यता और भव्यता के साथ आयोजित होने जा रहा है। इस आध्यात्मिक महाकुंभ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भाग लेंगे। कासगंज जिले से भी हजारों भक्त इस समागम में शामिल होने की तैयारी में हैं।
मीडिया सहायक अनिल चंद्रा ने बताया कि देशभर से आए श्रद्धालुजन दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं। उनकी निष्ठा और समर्पण से यह आयोजन अपनी अंतिम तैयारियों की ओर अग्रसर है। समागम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ज्ञान, प्रेम और भक्ति का ऐसा दिव्य संगम है, जो ब्रह्मज्ञान के माध्यम से आत्मा को परमात्मा से जोड़ने की प्रेरणा देता है।
संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा के अनुसार, जो स्थल पहले एक सामान्य मैदान था, वह अब संतों की सेवा भावना से एक भव्य आध्यात्मिक नगरी का रूप ले चुका है। विशाल पंडालों, सुसज्जित मंचों और आकर्षक स्वागत द्वारों से पूरा परिसर दिव्य आभा से दमक रहा है।
भक्तों की सुविधा हेतु पूरे परिसर को चार प्रमुख खंडों में विभाजित किया गया है, ताकि व्यवस्थापन और आवागमन सुचारु रूप से संचालित हो सके। प्रवचनों और भजनों के प्रसारण के लिए अत्याधुनिक एल.ई.डी. स्क्रीन भी लगाई जा रही हैं, जिससे हर श्रद्धालु को समान रूप से आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।
इस वर्ष भी मुंबई के श्रद्धालु भक्तों द्वारा निर्मित मुख्य स्वागत द्वार अपनी कलात्मकता और आध्यात्मिक गरिमा का प्रतीक बनकर उभरा है। यह द्वार सेवा, समर्पण और सृजनशीलता का सुंदर उदाहरण है।
सतगुरु माता की प्रेरणा से यह समागम ‘आत्ममंथन’ की वह भूमि बनेगा, जहाँ हर साधक आत्मचिंतन कर अपनी आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का अवसर पाएगा। सभी श्रद्धालुओं से आह्वान है कि वे इस दिव्य संत समागम में सम्मिलित होकर जीवन को धन्य बनाएं।
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