--कृषि विभाग ने बीज भंडारों पर बायोफोर्टिफाइड व उन्नत प्रजातियों की उपलब्धता सुनिश्चित की, किसानों को 50% अनुदान का लाभ
जागरण टुडे,कासगंज।
जनपद में रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूँ की बुवाई की तैयारियाँ किसानों द्वारा प्रारम्भ कर दी गई हैं। इस वर्ष जिले में गेहूँ की आच्छादन का लक्ष्य 93,415 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। कृषि विभाग ने किसानों की सुविधा हेतु सभी राजकीय कृषि बीज भंडारों पर उच्च उत्पादकता देने वाली उन्नत एवं बायोफोर्टिफाइड प्रजातियों के बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है।
बीज भंडारों पर गेहूँ की प्रमुख प्रजातियाँ — डी.बी.डब्लू.-187, डी.बी.डब्लू.-303, डी.बी.डब्लू.-327, डी.बी.डब्लू.-371, डी.बी.डब्लू.-372 तथा डब्लू.एच.-1270 — उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें डी.बी.डब्लू.-372 और डी.बी.डब्लू.-371 जैसी प्रजातियाँ चपाती गुणवत्ता के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। बायोफोर्टिफाइड प्रजातियों में सामान्य गेहूँ की तुलना में प्रोटीन, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।
किसानों के लिए सभी प्रजातियों के आधारीय बीज का मूल्य ₹4872.00 प्रति कुंतल तथा प्रमाणित बीज का मूल्य ₹4680.00 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। आधार कार्ड के माध्यम से पहचान सुनिश्चित करते हुए किसानों को 50% अनुमन्य अनुदान (अधिकतम ₹2600 प्रति कुंतल) का लाभ दिया जा रहा है। यह अनुदान एट सोर्स काटकर पॉस मशीन से बीज वितरण के माध्यम से दिया जा रहा है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि 20 नवम्बर तक समय से बुवाई पूर्ण कर लें तथा बुवाई के लिए सीड कम फर्टि ड्रिल, सुपर सीडर या हैप्पी सीडर का उपयोग करें, जिससे बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके।
प्रमुख प्रजातियों की उत्पादकता एवं अवधि:
डी.बी.डब्लू.-187: 150-155 दिन में पकने वाली, औसत उत्पादकता 75.20 कु./हे.
डी.बी.डब्लू.-303: 150-155 दिन, उत्पादकता 81.20 कु./हे.
डी.बी.डब्लू.-327: 150-155 दिन, उत्पादकता 79.40 कु./हे.
डी.बी.डब्लू.-371: 148-150 दिन, उत्पादकता 75.90 कु./हे.
डी.बी.डब्लू.-372: 150-152 दिन, उत्पादकता 75.30 कु./हे.
डब्लू.एच.-1270: 150-156 दिन, उत्पादकता 75.85 कु./हे.
कृषि विभाग, कासगंज ने किसानों से अनुरोध किया है कि बुवाई से पूर्व सभी आवश्यक कृषि निवेशों की व्यवस्था सुनिश्चित कर उन्नत प्रजातियों के बीज का प्रयोग करें और अधिक उपज प्राप्त करें।