जागरण टुडे, मथुरा। ब्रज रज उत्सव के दूसरे दिन सोमवार 27 अक्टूबर को मुख्य मंच पर ब्रज की संस्कृति और परंपरा का रंग पूरी तरह छा गया। ब्रज के कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
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कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर को कन्हैया लाल चतुर्वेदी की हवेली संगीत प्रस्तुति से हुई, जिसने ब्रज के पारंपरिक संगीत को जीवंत कर दिया। स्वर और ताल के इस सुंदर संगम ने श्रद्धालुओं को कृष्णभक्ति के भावों में डुबो दिया। इसके बाद एकता जैन के नेतृत्व में प्रस्तुत लोक गायन और नृत्य ने मंच पर ब्रज की लोकसंस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन किया। एकता जैन के साथी कलाकारों की टोली द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी नृत्य ने समा बाँध दिया। पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्यों की संगति ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। राजस्थानी रंग–बिरंगी पोशाकों में नृत्य करते कलाक़ारों की प्रस्तुति मन मोह गई।
मयूरी शर्मा के साथी कलाकारों की गायन–नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम को नई ऊँचाई दी। उनकी प्रस्तुति में भक्ति, सौंदर्य और नृत्य–कला का अनुपम समन्वय देखने को मिला। मौसे नैना मिलायके और श्याम रंग में रंगी राधिका के स्वरों के साथ नृत्य प्रस्तुति ने लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन भावपूर्ण अंदाज में श्वेता श्रीवास्तव “राधा” ने किया, उन्होंने अपने मधुर शब्दों और ब्रजभाषा के प्रयोग से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उत्सव स्थल पर पूरे दिन भक्तिरस, संगीत और संस्कृति की मिठास घुली रही। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने ब्रज की मिट्टी में निहित कला की जीवंतता को दर्शाया। सभी कलाकारों को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एसीईओ मदन चंद्र दुबे, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, वित्ताधिकारी विनय सिंह आदि पुरस्कृत किया।