गुलरेज खान, बरेली। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा अभी जेल में रहेंगे। मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी हुई। अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 11 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी। यानी इस मामले में अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी। वहीं, मौलाना तौकीर के करीबी सहयोगियों को अदालत में फिजिकल रूप से पेश किया गया। पेशी के दौरान बरेली जेल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
आई लव मोहम्मद के पोस्टर लगाने को लेकर 26 सितंबर को बरेली में हुआ था बवाल
बरेली शहर में 26 सितंबर को “आई लव मोहम्मद” के पोस्टर लगाने को लेकर बवाल हुआ था। मौलाना तौकीर रजा ने इस्लामिया ग्राउंड पर बड़ी सभा बुलाने का ऐलान किया। उस दौरान बरेली जिले में धारा 163 लागू थी। नवरात्र के अलावा शहर में दो उर्स संचालित थे। इस कारण प्रशासन ने आईएमसी के मौलाना तौकीर रजा को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
मगर मौलाना अपनी जिद पर अड़े रहे और उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस-प्रशासन और सरकार को चुनौती दे दी थी। प्रशासन की ओर से रोक लगाने के बावजूद कोतवाली क्षेत्र में खलील तिराहे पर जमा हुई भीड़ ने हंगामा किया। पुलिस ने सख्ती से रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया और फायरिंग की। पेट्रोल बम भी फेंके गए, जिससे 22 पुलिस कर्मी घायल हुए थे।
27 सितंबर से जेल में बंद हैं मौलाना तौकीर रजा
बवाल के बाद बरेली शहर के अलग-अलग पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए गए थे। सात मुकदमों में मौलाना तौकीर रजा का नाम शामिल था। पुलिस ने बवाल के अगले दिन यानी 27 सितंबर को मौलाना तौकीर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। तभी से वह फतेहगढ़ जेल में बंद हैं। विवेचक कई बार फतेहगढ़ जेल जाकर पूछताछ कर चुके हैं। शनिवार को बिहारीपुर चौकी से जुड़े दो मामलों में पूछताछ की गई थी। मौलाना पर लोगों को उकसाकर दंगा भड़काने, धमकी देने और हत्या की साजिश जैसी गंभीर धाराएं लगी हैं।
करीबी नेता भी जेल में, करोड़ों की संपत्तियों पर कार्रवाई
मौलाना के साथ उनके सहयोगी और आईएमसी के पदाधिकारी जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव नफीस खां, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम, फरहत, मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीशी, अनीस सकलैनी और साजिद शामिल हैं। अब तक कुल 105 लोग जेल जा चुके हैं। प्रशासन ने आरोपियों की करीब 250 करोड़ रुपये की संपत्तियों को सील या ध्वस्त किया है, जिनमें नफीस का बारातघर और सपा पार्षद का अवैध चार्जिंग स्टेशन भी शामिल है।