भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेताओं ने गन्ना पेराई सत्र 2025-26 के लिए घोषित गन्ना मूल्य को किसानों के हित में न बताते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। गुरूवार को मीरगंज तहसील में आयोजित आपात कालीन बुलाई गई किसान पंचायत में किसानों से जुड़े कई मुददों को उठाया गया और अंत में राष्ट्रपति कोसंबोधित 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी मीरगंज आलोक कुमार को सौपा।
पंचायत की अध्यक्षता भाकियू नेता चौधरी हरवीर सिंह और ंसंचालन कर रहे हरपाल सिंह ने किया। ज्ञापन में किसानों ने कहा कि घोषित गन्ना मूल्य लागत एवं उत्पादन के अनुकूल नहीं है इससे किसानों का काफी नुकसान होगा। किसानों ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसलों का डेढ़ गुना लागत मूल्य घोषित किए जाने की मांग दोहराई।
क्या हैं ज्ञापन में रखी गयीं प्रमुख मांगें-
-सांसद, विधायक और मंत्रियों द्वारा टैक्स के धन के दुरूपयोग पर रोक लगाई जाए।
- सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर किसान वेतन आयोग का गठन किया जाए।
- किसानों की कर्ज मुक्ति के लिए एसएमपी कानून लागू किया जाए।
- भूमि अधिग्रहण में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को समान मुआबजा दिया जाए।
- धान और गेहुं खरीद केंद्रों पर दलालों की भूमिका समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
किसानों की चेतावनी
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आन्दोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इस मौके पर चौधरी हरवीर सिंह, चौधरी हरपाल सिंह, शोभाराम व धरम सिंह, शंकर लाल, गौतम, सुरेंद्र उपाध्याय समेत तमाम किसान मौजूद रहे।