बदायूं अबकी बार मेला ककोड़ा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन विभाग ने खास तैयारी की है। मेले के दौरान डेढ़ सौ रोडवेज बसें संचालित की जाएंगी। जिला मुख्यालय से मेला स्थल तक का किराया 42 रुपये तय किया गया है।
हर आधे घंटे पर मिलेगी बस
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन राजेश पाठक ने बताया कि बसों का संचालन 3 नवंबर से शुरू होगा, जबकि कुछ बसें 2 नवंबर से ही चलने लगेंगी। बसों का संचालन हर आधे घंटे पर किया जाएगा। बाहर से आने वाली सभी बसें पहले मेला स्थल तक जाएंगी और फिर अपने निर्धारित रूट पर लौटेंगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली, कासगंज, बरेली, मुरादाबाद, चंदौसी, उसहैत, गढ़िया रंगीन, फर्रुखाबाद समेत सभी रूटों की बसें मेला स्थल तक जाएंगी।
एआरएम राजेश पाठक के मुताबिक ककोड़ा मेले में जाने वाली सभी रोडवेज बसों की मरम्मत और सर्विसिंग पूरी कर ली गई है, ताकि रास्ते में कोई बस खराब न हो। परिवहन विभाग ने बताया कि बसें पूरी तरह से तैयार हैं।
मेले में लगेंगे 200 हैंड पंप
श्रद्धालुओं को पानी की दिक्कत न हो, इसके लिए जिला पंचायत प्रशासन ने मेला क्षेत्र में 200 हैंडपंप लगवाए हैं। हर 100 मीटर की दूरी पर हैंडपंप उपलब्ध कराया गया है। गंगा किनारे रेत पर तंबुओं का शहर सज चुका है। रात में रोशनी में चमकता यह मेला स्थल अब दूर से ही आकर्षक दिखाई दे रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया निरीक्षण
जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने शुक्रवार को मेला स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को तेज़ी से काम पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य (पप्पू भैया), अपर मुख्य अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता पवन कुमार गोयल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि मेले में लाइट और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए। बाहर से आने वाले दुकानदारों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
गंगा किनारे बस रहा तंबुओं का शहर
ककोड़ा मेला का विधिवत उद्घाटन 4 नवंबर को होगा। 15 दिनों तक चलने वाले मेला ककोड़ा की रौनक अब बढ़ने लगी है। देश-विदेश से प्रवासी श्रद्धालु कल्पवास के लिए पहुंचने लगे हैं।मेला क्षेत्र लगभग 1400 हेक्टेयर भूमि में फैला है, जिसे चार जोन और सात सेक्टरों में बांटा गया है। सफाई के लिए 301 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। दो एडीओ पंचायत को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। डीपीआरओ ने निर्देश दिए हैं कि सफाई में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।