जागरण टुडे, मथुरा। बागेश्वर धाम यात्रा को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता और साधु-संत समाज में चर्चित नाम दिनेश फलाहारी बाबा ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को पत्र लिखकर मांग की है कि आगामी बागेश्वर यात्रा में किसी भी मुसलमान को प्रवेश की अनुमति न दी जाए।
फलाहारी बाबा का कहना है कि मुसलमानों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पर अवैध कब्जा कर रखा है। जब तक यह कब्जा समाप्त नहीं होता, तब तक किसी भी मुस्लिम को सनातनी यात्राओं में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई मुस्लिम बागेश्वर महाराज की यात्रा में शामिल होना चाहता है, तो पहले उसे सनातन धर्म अपनाना होगा।
फलाहारी बाबा ने आरोप लगाया कि कश्मीर से हिंदू समुदाय को विस्थापित करने में भी मुसलमानों की भूमिका रही है। उन्होंने आशंका जताई कि यात्रा में मुस्लिमों की भागीदारी किसी बड़े षड्यंत्र या आतंकी गतिविधि का हिस्सा हो सकती है। फलाहारी बाबा ने चेतावनी दी कि यदि किसी मुस्लिम को यात्रा में शामिल किया गया, तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के पदाधिकारी इसका कड़ा विरोध करेंगे।
गौरतलब है कि दिनेश फलाहारी बाबा वही साधु हैं जिन्होंने तीन वर्ष पहले संकल्प लिया था कि जब तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर से मस्जिद नहीं हटेगी, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे और जूते-चप्पल भी नहीं पहनेंगे। वह आज तक अपने इस संकल्प पर कायम हैं।
बागेश्वर यात्रा को लेकर बाबा की इस मांग से धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे साम्प्रदायिक माहौल को प्रभावित करने वाला बयान बता रहे हैं।