बदायूँ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनपद में ‘NCL जागरूकता अभियान 2.0’ के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य आमजन, विशेष रूप से युवाओं और छात्र–छात्राओं को नए आपराधिक न्याय प्रणाली (NCL) के प्रावधानों से अवगत कराना और उन्हें कानूनी जागरूकता प्रदान करना रहा।
अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी दातागंज कृष्ण कुमार तिवारी ने उनोला डिग्री कॉलेज में थाना अलापुर पुलिस टीम के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के महत्त्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन नए कानूनों के लागू होने से न्याय प्रणाली और अधिक पारदर्शी, त्वरित और जनसुलभ बनेगी।
इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी सहसवान कर्मवीर सिंह ने पुलिस बल के साथ थाना सहसवान क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित कीं, जिनमें आमजन को नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं से परिचित कराया गया। वक्ताओं ने समझाया कि कानून समाज में न्याय, सुरक्षा और समानता की भावना को सशक्त करते हैं।
महिला पुलिस कर्मियों द्वारा छात्राओं को महिला सुरक्षा और अपराधों से संबंधित विशेष प्रावधानों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नए कानूनों के तहत महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
वक्ताओं ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह ली है, जिसमें अपराधों से संबंधित धाराओं में सुधार किया गया है। वहीं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) का स्थान ले चुकी है, जिससे जांच और सुनवाई प्रक्रिया अधिक तेज और सरल होगी। भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) अब डिजिटल युग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी पारंपरिक सबूतों के समान वैधता दी गई है।
ज्ञात हो कि 01 जुलाई 2024 से ये तीनों नए कानून देशभर में लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सरल और सशक्त बनाना है।