गुड्डू यादव
जागरण टुडे, कासगंज।
झाल के पुल गैंगरेप प्रकरण में अब एक नया मोड़ सामने आया है। गुरुवार की रात पुलिस सुरक्षा में रह रही पीड़िता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। इस घटना ने पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया था।
लगातार सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तीन टीमों की संयुक्त कार्रवाई में किशोरी को 36 घंटे बाद सकुशल बरामद कर लिया गया। सदर सीओ आंचल चौहान ने खुद निगरानी करते हुए किशोरी की बरामदगी की पुष्टि की है।
दरअसल, 10 अप्रैल को झाल के पुल पर अपने मंगेतर के साथ मौजूद एक नाबालिग किशोरी के साथ कुछ युवकों ने पुलिसकर्मी बनकर बंधक बनाया और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था।
यह मामला प्रदेशभर में सुर्खियों में आया था। जांच के बाद पुलिस ने कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से कई आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं।
23 अप्रैल को स्थानीय न्यायालय ने भाजपा नेता अखिलेश प्रताप सिंह उर्फ गब्बर एपीएस, अमित, सोनू उर्फ सत्यपाल, रिंकू कुमार और सोनू को दो-दो लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी थी।
इसके बाद पीड़िता और उसके परिवार ने पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर अनहोनी की आशंका जताई थी। पीड़िता और उसकी मां ने आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी।
पुलिस ने इस आशंका को गंभीरता से लेते हुए सभी 14 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी और पीड़िता के घर पर 24 घंटे पुलिस पहरा लगा दिया गया था।
लेकिन इसी पहरे के बीच गुरुवार की रात किशोरी अचानक लापता हो गई, जिससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे थे।
ये कहना था पीडिता की मौसी का
किशोरी की मौसी ने बताया किशोरी लापता होने के बाद परिवार के सभी लोग बेहद परेशान थे। हमें उसकी अनहोनी की आशंका सता रही थी। हमने कोतवाली में तहरीर देकर उसकी तलाश की मांग की थी। उन्होंने अपने पडोसी युवक पर लापता करने का आरोप मडा था।
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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने बताया
“मामला हमारे संज्ञान में है। यह संवेदनशील और चर्चित प्रकरण है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए किशोरी को बरामद कर लिया है।”
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सदर सीओ आंचल चौहान ने बताया किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक रूप से मामला घरेलू विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। घर में अनबन होने के कारण किशोरी घर से निकल गई थी।