जागरण टुडे, कासगंज।
जनपद के सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव अणूपुरा में मंगलवार को साधु-संतों और एक तथाकथित भाजपा नेता के बीच विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि नेता ने साधु के पैतृक आश्रम पर कब्जा कर साधु-संतों के अंगवस्त्र और गृहस्थी का सामान बाहर फेंक दिया। इतना ही नहीं, मौके पर पहुंची पुलिस पर भी साधु-संतों ने गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद साधु-संतों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनशन पर बैठेंगे।
जानकारी के अनुसार, गांव अणूपुरा में पेसोई निवासी अवधेश दास ने वर्षों पहले गृहस्थ जीवन त्याग कर संन्यास धारण कर लिया था। वर्तमान में वे डिबाई के एक आश्रम में रहते हैं, जबकि अपनी पैतृक भूमि गाटा संख्या 234 पर उन्होंने अपने चेला हरिदास के लिए आश्रम का निर्माण कार्य शुरू कराया था। आरोप है कि गांव के ही शल्लू नामक व्यक्ति ने अपने परिजनों के साथ मिलकर आश्रम पर जबरन कब्जा कर लिया और वहां रखे सामान को बाहर फेंक दिया।
संत गोपाल पुरी, माधव दास और अवधेश दास ने बताया कि आरोपी शल्लू स्वयं को एक विधायक का करीबी बताता है और गांव में कई लोगों की जमीन पर कब्जा कर चुका है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को जब उन्होंने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन संतों का आरोप है कि पुलिस ने भी उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। इससे नाराज होकर बड़ी संख्या में साधु-संत मौके पर एकत्र हो गए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आश्रम स्थल पर ही आमरण अनशन करेंगे।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है।