हरियाणा प्रांत के रोहतक से निघासन के लिए सवारी बैठाकर जा रही एक डग्गामार निजी डेकर बस ने अनियंत्रित गति से जाते हुए पहले आस्थाई पुलिस चौकी को रौंदा और उसके बाद दो बाइकों और टैंपो समेत हाइवे किनारे खड़े लोगों को रौंद दिया। जिससे वहां पर अफरा तफरी मच गयी। इस घटना में बाइक और टैंपो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होते हुए आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये। और घटना के बाद चालक एवं परिचालक बस से कूद कर फरार हो गये। सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस एवं फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेज कर बस को कब्जे में ले लिया।
फतेहगंज पश्चिमी थाना के धनेटा रेलवे क्रासिंग अडडे पर हुई घटना
सुबह के करीव 9 बजे श्रद्धालु अपने वाहनों से बरेली जनपद के फतेहगंज पश्चिमी इलाके के धनेटा रेलवे क्रासिंग मार्ग से होकर गोरा लोकनाथपुर रामगंगा घाट पर पहुंचने के लिए भारी तादात में बाहनों से आबाजाही कर रहे थे कि इसी दोरान हरियाणा के रोहतक से निघासन सवारी लेकर जा रही निजी डग्गामार डेकर बस ने अनियंत्रित होकर पहले धनेटा अडडे पर हाइवे किनारे बनी आस्थाई पुलिस चौकी और बैरिकेंटिंग बोर्ड को रौंदा और वहीं पर खड़ी एक बाइक और टैंपो में टक्कर मार दी। जिससे अफरातफरी मच गयी। और इस घटना में बाइक बुरी तरह छतिग्रस्त हो गयी और टैंपो भी पूरी तरह से नष्ट हो गया। घटना में बस में बैठी तमाम सवारियों बच्चों व महिला पुरूषों के गुम चोटे आयीं और बाइक सवार व टैंंपो चालक व राहगीर दर्जनों से अधिक घायल हो गये।
घायलों की पहचान उदयवीर पुत्र जगदीश निवासी गांव सुकली व उदित पुत्र विष्णु निवासी गांव दुनका (दोनों थाना शाही), एवं बाइक सवार मोरपाल नि0ग्राम परतापुर व बब्लू पुत्र फूलचन्द निवासी वीथम नौगवां और आटो चालक व हैल्पर मो0 हसन पुत्र मुंशी व आरिफ पुत्र मुश्ताक निवासी गांव तिगरी थाना शीशगढ़ घायल हो गये।
होटल संचालक के बच्चे भी हुए चोटिल
धनेटा अडडे पर हाइवे 24 के किनारे आदर्श गुप्ता कोल्ड्रिंकस होटल संचालक विनीत गुप्ता के बच्चे पुत्री जान्हवी व वेटे बॉबी अपने मासूम भाई अक्षत को गोद में लेकर प्रसाद आदि लेने हेतु जा रहे थे कि इसी दोरान वह भी बस की चपेट में आ गये और घायल हो गये।
"जाको राखे सांईंया, मार सकै न कोय", कहावत हुई साकार
"जाको राखे सांईयां, मार सके न कोय", बाली कहावत उस समय सही साबित हुई जब दुर्घटना के समय डयूटी पर तैनात दो पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था हेतु धनेटा अडडे पर बनाई गयी आस्थाई पुलिस चौकी में उस दौरान नहीं बैठे थे। यदि वह बैठे होते तो हादसे के शिकार हो जाते। उस दौरान दोनों पुलिस कर्मी इधर उधर टै्रफिक व्यवस्था में जुटे हुए थे।