उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार आगामी द्वितीय शनिवार को मथुरा जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश विकास कुमार करेंगे।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के वादों का निस्तारण आपसी सुलह और समझौते के आधार पर किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक वादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर litigants को शीघ्र न्याय प्रदान करना है।
लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम (चेक बाउंस), बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण, विद्युत एवं जल बिल विवाद, सर्विस व वेतन संबंधी विवाद, सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े प्रकरण, राजस्व वाद, उपभोक्ता फोरम से संबंधित मामले, अन्य सिविल वाद, किराया विवाद, सुखाधिकार, व्ययादेश, विशिष्ट अनुतोष वाद आदि मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
जनपद न्यायालय मथुरा में प्रत्येक न्यायिक अधिकारी अपने-अपने न्यायालय कक्षों में वादों का समाधान सुलह समझौते के आधार पर करेंगे। यह व्यवस्था उन पक्षकारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में लंबित मामलों से राहत पाना चाहते हैं।
जनपद न्यायाधीश श्री विकास कुमार ने बताया कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां पक्षकार आपसी सहमति से अपने विवादों का स्थायी समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि न्यायिक प्रणाली पर बोझ भी कम होता है।
उन्होंने सभी वादकारी पक्षों से अपील की है कि वे अपने लंबित मामलों का निस्तारण इस राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह और समझौते के माध्यम से कराकर इस अवसर का लाभ उठाएं।