शहर में 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल और पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में शुक्रवार को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला की अदालत ने खारिज कर दी। इस प्रकरण में कोतवाली, किला और बारादरी थानों में करीब 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे।
बारादरी थाने में दर्ज एफआईआर में प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय ने रिपोर्ट दी थी कि सैलानी रोड से शहामतगंज चौराहे की ओर लगभग 200–250 लोग इस्लामिया ग्राउंड जा रहे थे और रास्ते में आपत्तिजनक नारेबाजी कर रहे थे। जब पुलिस ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया, तो भीड़ ने उग्र होकर ईंट-पत्थर और एसिड से भरी कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस भीड़ का नेतृत्व नदीम, अनीस, साजिद सकलैनी, तहमीन, वसीन तहसीनी, अजीम, अदनान, मोईन सिद्दीकी, फैजुल नवी, कलीम खां, नयाब उर्फ निम्मा, बबलू खां समेत कई अन्य लोग कर रहे थे। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस कर्मियों को जान से मारने के इरादे से फायरिंग भी की। हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने बरेली के विभिन्न थानों में दर्जनों लोगों को नामजद और सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। जांच में मौलाना तौकीर रजा पर भी भीड़ को उकसाने के आरोप लगे थे। मौलाना की ओर से सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने गंभीर अपराध और साक्ष्यों के आधार पर खारिज कर दिया।