जनपद बरेली के मीरगंज तहसील इलाके में चर्चित एक कथित झोलाछाप पशु चिकित्सक के द्वारा कृत्रिम गर्भाधार किए जाने के तत्काल बाद किसान की एक वेशकीमती दुधारू भैंस की मौत हो गयीं। इस मामले में पीड़ित किसान ने कथित पशुचिकित्सक के खिलाफ मीरगंज कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है। हांलाकि अभी तक मुकददमा दर्ज नहीं किया जा सका है। जिससे किसान न्याय पाने को दर-दर भटकता घूम रहा है। लेकिन पुलिस से लेकर पशुचिकित्सक तक सुनने को तैयार नहीं हैं।फ़िलहाल पुलिस ने जाँच उपरांत कार्रवाई की बात कही है !
बरेली के मीरगंज इलाके के गांव सैजना निवासी पशुपालक मानसिंह पुत्र बुलाकी के मुताबिक- उसने कुछ माह पहले 90 हजार रूपये में एक भैंस खरीदी थी, जिससे कि वह अपने परिवार के दूध उपलब्ध करा सके और कुछ दूध को बेंचकर परिवार का भरण पोषण कर सके। जोकि प्रसव के बाद दूध प्रदान कर रही थी। मान सिंह ने बताया कि उसने अपनी भैंस को विगत 9 नवंवर को क्षेत्र के ही गांव नंदगांव के रहने वाले एक कथित चर्चित पशुचिकित्सक हरपाल सिंह पुत्र वुलाकी को बुलाकर भैंस का कृत्रिम गर्भाधान कराया। उसका आरोप है कि कथित चिकित्सक के द्वारा गर्भाधान करने के कुछ ही पलों में ही भैंस की मौत हो गयी। जिसे देख पशु चिकित्सक वहां से मौका पाकर फरार हो गया।
पीड़ित का आरोप है कि उसके बाद उसने कथित आरोपी पशुचिकित्सक हरपाल सिंह से फोन के माध्यम से संपर्क किया तो उसने कहा कि इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता, जो चाहो कर लो। और उसके बाद उसने आरोपी के खिलाफ मीरगंज कोतवाली पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। लेकिन अभी तक आरोपी के खिलाफ मुकददमा दर्ज नहीं किया गया है।
मृत भैंस को लेकर पशु अस्पताल पहुंचा किसान
मीरगंज पुलिस के द्वारा किसान की तहरीर पर कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाये जाने पर किसान अपनी मृत भैंस को टै्रक्टर ट्राली में लादकर सोमवार को मीरगंज राजकीय पशुचिकित्सालय पहुंचा, जहां उसने प्रभारी पशुचिकित्साधिकारी से आरोपी कथित झोलाछाप पशुचिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने हेतु कहा। जिस पर उन्होंने हाथ खड़े कर लिए। और पुलिस से कार्रवाई करवाये जाने हेतु टहला दिया।
क्या बोले पशु चिकित्साधिकारी डा0 अवधेश कुमार
न्याय पाने एवं कथित आरोपी झोलाछाप पशु चिकित्सक के खिलाफ टै्रेक्टर ट्राली में लादकर अपनी मरी भैंस को लेकर दर दर भटक रहे पीड़ित पशु पालक के मामले में जब संवादाता ने राजकीय पशुचिकित्सालय मीरगंज के प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी अवधेश कुमार से पूछा तो उन्होंने कहा कि हमारे पास इस संदर्भ में कार्रवाई किए जाने की कोई पावर नहीं है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारी सीबीओ से शिकायत करें। हम इसमें कुछ भी नहीं कर सकते। हमें पुलिस या उच्चाधिकारी निर्देशित करें, तभी हमारे स्तर से अग्रिम कार्रवाई होगी।