जागरण टुडे, कासगंज।
राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने सोमवार की शाम चार बजकर 45 मिनट पर कासगंज जनपद में किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति का हाल देखकर वह नाराज नज़र आईं।
मौके पर आयोग सदस्य ने पाया कि बाल कल्याण समिति के दफ्तर में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। वहीं, किशोर न्यायालय में सिर्फ एक कर्मचारी उपस्थित मिला। इस पर रेनू गौड़ ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय बच्चों के अधिकारों से जुड़ा है, इसलिए यहां की कार्यप्रणाली में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के तीन दिन पुराने फुटेज दिखाने को कहा। लेकिन मौके पर मौजूद कर्मचारी अरुण ने पासवर्ड न होने का बहाना कर दिया। इस पर आयोग सदस्य ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह गैरजिम्मेदारी का परिचायक है और ऐसे मामलों में लापरवाही करने वालों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रेनू गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचे और कार्य को प्राथमिकता के साथ करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की शिकायतें दोहराई गईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिला आयोग की सदस्य ने दोनों संस्थानों में बच्चों से संबंधित रजिस्टर, रिकॉर्ड और सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सरकार बाल संरक्षण को लेकर गंभीर है और जमीनी स्तर पर सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।