थाना शेरगढ़ क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। दबंगों द्वारा बेटियों से छेड़छाड़ और मारपीट के बाद कार्रवाई न होने से आहत एक मजदूर परिवार गांव छोड़कर बरेली आ गया और सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में धरने पर बैठ गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि बेटियों की सुरक्षा खतरे में है और पुलिस दबंगों के इशारे पर काम कर रही है।
जानकारी के अनुसार, शेरगढ़ कस्बे के कावर मोहल्ला निवासी मजदूर परिवार की छह बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है। परिवार की बेटियां कुछ दिन पहले जन्माष्टमी मेले में गई थीं, तभी वार्ड-3 निवासी ख्यालीराम के बेटे अर्जुन और अंकित ने उनसे छेड़छाड़ की। विरोध करने पर दबंगों ने पेड़ की डंडी से पीटकर मारपीट की। जब परिवार थाने पहुंचा, तो पुलिस ने शिकायत सुनने के बजाय उन्हें थाने से भगा दिया।
पीड़ित का आरोप है कि 2 नवंबर को वह मोहल्ला कावर में एक दावत में गया था, जहां सभासद ख्यालीराम, उसके बेटे अर्जुन व अंकित ने पुरानी रंजिश के चलते पलटा से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार ने किसी तरह थाने पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन पुलिस ने हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दबंगों को बचा लिया।
पीड़ित ने बताया कि दबंग लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जबकि पुलिस अब तक निष्क्रिय है। उनका आरोप है कि सभासद ख्यालीराम की पुलिस से मिलीभगत है, इसलिए विपक्षियों की तरफ से क्रॉस केस दर्ज कर दिया गया।
न्याय न मिलने से निराश होकर परिवार ने कहा कि “हमारे कोई बेटा नहीं, सिर्फ छह बेटियां हैं… अब गांव में रहना असंभव हो गया है।” उन्होंने मुख्यमंत्री, एसएसपी और उच्चाधिकारियों से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।