बदायूं आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक रोहिलखंड का प्रसिद्ध मिनी कुंभ मेला—ककोड़ा मेला आज 12 नवंबर को विधिवत रूप से संपन्न हो गया। गंगा तट पर हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु स्नान, दान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।
इस मेले का शुभारंभ 29 अक्टूबर को पारंपरिक झंडी पूजन के साथ हुआ था। यह झंडी पूजन ककोड़ा देवी मंदिर परिसर से गंगा तट तक भव्य शोभायात्रा के रूप में ले जाया गया, जिसका पूजन जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वर्षा यादव ने अपने करकमलों से किया। गंगा तट पर झंडी स्थापित कर मेले की औपचारिक शुरुआत की गई थी।
आज 12 नवंबर को मेले के समापन अवसर पर गंगा तट से झंडी को पुनः ककोड़ा देवी मंदिर लाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
समापन अवसर पर जिला परिषद के अपर मुख्य अधिकारी (एएमओ), मेला प्रभारी राजेंद्र सिंह, तथा थाना अध्यक्ष विक्रम सिंह (कादरचौक) सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बाबा नन्हे दास एवं अन्य संत-महात्माओं ने समापन समारोह में विशेष आशीर्वचन दिए।
पूरे मेले के दौरान जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई थी। गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल टीम, जलापूर्ति और यातायात व्यवस्था को बेहतर रूप से संचालित किया गया।
ककोड़ा मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह रोहिलखंड क्षेत्र की परंपराओं और संस्कृति का भी प्रतीक बन चुका है।