हिन्दूवादी नेता एवं पूर्व सांसद विनय कटियार ने शुक्रवार 14 नवंबर को पूर्वान्ह लगभग 11:30 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर दर्शन किए। उनके आगमन पर श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने प्रसादी पटुका ओढ़ाकर उनका स्वागत किया।
विनय कटियार ने सर्वप्रथम भागवत भवन मंदिर में श्रीराधा-कृष्ण युगल सरकार के दर्शन किए और पुष्पार्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर के पूजाचार्यों द्वारा उन्हें प्रसादी स्वरूप पगड़ी, पटुका और लड्डुओं का प्रसाद भेंट किया गया। इसके बाद वे श्रीगर्भगृह मंदिर में पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन–पूजन कर धार्मिक अनुभूति का अनुभव किया।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान की दिव्यता, शांति और व्यवस्थाओं से अभिभूत कटियार ने परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जन्मस्थान की व्यवस्था अत्यंत भव्य, सुव्यवस्थित और मन को संतोष देने वाली है। उन्होंने सेवा-संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रबंधन कार्यों का सराहनीय बताया और कहा कि यहां की आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव अविस्मरणीय है।
उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय शारीरिक प्रशिक्षण प्रमुख नरेश, विभाग संपर्क प्रमुख मनीष तथा संत गंगाधर महाराज उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर विधिवत दर्शन, पूजन-अर्चन किया और भगवान श्रीकृष्ण से समाज के कल्याण तथा राष्ट्र की उन्नति की प्रार्थना की।
दर्शन के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने उन्हें जन्मस्थान परिसर में चल रहे विकास कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की व्यवस्था तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया। श्री कटियार ने संस्थान के कार्यों को सराहते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का गौरवमय प्रतीक है।