तहसील सदर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने 50 से अधिक शिकायतें सुनीं। कई मामलों में जांच के निर्देश दिए गए। इसी दौरान सुभाषनगर के मोहल्ला शांति बिहार निवासी मदनलाल ने अपनी पत्नी को आंगनबाड़ी सहायिका के पद से निलंबित कराने की मांग करते हुए शिकायती पत्र सौंपा।
मदनलाल ने बताया कि उसके छह बच्चे हैं। वर्ष 2023 में उसकी पत्नी उसे और बच्चों को छोड़कर चली गई थी। करीब डेढ़ वर्ष बाद वह लौटी और ब्लॉक क्यारा में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर दोबारा नौकरी करने लगी। मदनलाल का आरोप है कि उसकी पत्नी किसी अन्य व्यक्ति के साथ स्वालेनगर में रहती है और वह छोटे बच्चों को सही संस्कार नहीं दे सकती। पूर्व में पत्नी के लापता होने पर उसने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इस पर एसडीएम सदर ने सीडीपीओ क्यारा को जांच कर आख्या भेजने के निर्देश दिए।
इसी दौरान चौधरी मोहल्ला निवासी 62 वर्षीय मो. शमीम ने शिकायत की कि उन्होंने 15 फरवरी को वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया था। जांच उपरांत आवेदन स्वीकृत भी हो गया, साइट पर वह पात्र दिख रहे हैं, लेकिन खाते में अब तक एक भी किस्त नहीं पहुंची। कई बार विकास भवन जाने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
जलभराव की समस्या पर दोबारा जांच की मांग
राजेंद्रनगर निवासी विजय सिंह ने मॉडल सड़क की सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि नगर निगम के अवर अभियंता ने 8 सितंबर को निरीक्षण कर फोटो खींचे थे और पैमाइश कराने की बात कही थी, लेकिन आज तक पैमाइश नहीं हुई। अधिशासी अभियंता के 19 सितंबर के पत्र में इसे "मांग की श्रेणी" में बताया गया। विजय सिंह ने निस्तारण को असंतोषजनक बताया और दोबारा जांच की मांग की।
मंडलायुक्त के निर्देश
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने अधिकारियों की उपस्थिति पंजिका व रजिस्टर की जांच की। उन्होंने निर्देश दिया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए और जिस शिकायत का समाधान किया जाए, उस शिकायतकर्ता से फोन पर फीडबैक लेकर ही रिपोर्ट लगाई जाए।