भारतीय किसान यूनियन चढूनी की बदायूँ इकाई ने आज 19 नवंबर को मालवीय आवास गृह पर मासिक पंचायत आयोजित कर किसानों और आमजन से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को उठाया। इस पंचायत की अगुवाई जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने की। पंचायत के बाद किसान नेताओं ने नायब तहसीलदार को जिलाधिकारी संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने कहा कि स्मार्ट मीटर गरीब, किसान, मजदूर और कम आय वाले परिवारों का दिवाला निकाल रहे हैं। बिजली बिल बढ़ने से लोग परेशान और निराश हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। किसान नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर न तो किसी सरकारी कार्यालयों में लगाए गए, न ही किसी विधायक, एमएलसी या राजनीतिक नेताओं के यहां। लेकिन गरीबों और किसानों के घरों में बिना अनुमति और जबरन लगाए जा रहे हैं। जिला महासचिव वीसूदास ने कहा कि सभी के लिए समान नियम लागू हों और स्मार्ट मीटर एक समान प्रक्रिया के तहत लगाए जाएं।
उधर, उझानी इंडेन गैस एजेंसी और उससे अटैच बदायूँ गैस एजेंसी पर बड़ा आरोप लगाया गया कि होम डिलीवरी के दौरान सिलेंडरों में 1 से 3 किलो तक गैस कम दी जा रही है, और शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती।
किसानों ने बिजली विभाग पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जनपद में कई जगहों पर हाई-टेंशन लाइनें ग्रामीण आबादी के ऊपर से बेहद नीची होकर गुजर रही हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। समय रहते इन्हें ठीक किया जाए ताकि बड़ी दुर्घटना न हो। किसानों का आरोप है कि प्रशासन किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
सहसवान तहसील अध्यक्ष विमलेश कुमार ने बताया कि जिले भर में किसानों को यूरिया और डीएपी के दो कट्टे खरीदने पर जबरन नैनो यूरिया या अन्य अतिरिक्त उत्पाद थमाए जा रहे हैं। मना करने पर यूरिया-डीएपी ही नहीं दी जाती। प्राइवेट दुकानदार भी ओवररेटिंग कर रहे हैं, जिसे तुरंत बंद कराया जाए।
इसके अलावा जनपद में नाबालिगों द्वारा ऑटो और ई-रिक्शा चलाने की समस्या भी प्रमुख मुद्दा रही। किसान नेताओं ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन न होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। बिना ड्राइविंग लाइसेंस किसी भी नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति न दी जाए और इसके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।
पंचायत में सुशील कुमार यादव, यादवेंद्र पाल, शैलेश कुमार, कृष्ण अवतार शाक्य, अजय सैनी, डॉ. महेंद्र पाल, ताहिर अब्बासी, नदीम, प्रवेंद्र कुमार, रजनेश उपाध्याय, भूपेंद्र पाठक, नूरुद्दीन, रईस अहमद, राम सिंह, देवकिशोर, वीसूदास सहित कई किसान मौजूद रहे।