उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की जिला स्तरीय नियोजन एवं विकास समिति की बैठक परिषद सभागार में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े वन विभाग की आपत्तियों के निस्तारण में हो रही देरी पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सूरज पटेल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कोकिलावन परियोजना की टेंडरिंग में विलंब को गंभीर मानते हुए वन विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी करने और पूरी रिपोर्ट प्रमुख सचिव को भेजने के निर्देश दिए।
सीईओ सूरज पटेल ने कहा कि “मथुरा सामान्य जनपद नहीं है। मथुरा, अयोध्या और काशी मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में हैं, इसलिए सभी सरकारी एजेंसियों को उसी गंभीरता के साथ कार्य करना होगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के ब्रज विकास विजन को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सीईओ ने वन विभाग से आपत्तियों के त्वरित निस्तारण हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त करने और पेड़ों तथा झाड़ियों के मानकों को स्पष्ट करने के निर्देश दिए। साथ ही सुनरख क्षेत्र में मानसून बीत जाने के बाद भी पौधारोपण न किए जाने पर नाराजगी जताई। विभिन्न परियोजनाओं में विद्युत पोल हटाने में हो रही देरी पर भी उन्होंने कहा कि “जहां धनराशि जमा हो चुकी है, वहां तुरंत बिजली पोल हटाए जाएं।”
बैठक में सिंचाई, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, विद्युत विभाग और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों के साथ तकनीकी बिंदुओं पर चर्चा की गई तथा परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए गए। बैठक में विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह, परिषद के एसीईओ मदन चंद्र दुबे सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने रखे स्थानीय प्रस्ताव
बैठक में स्थानीय निकाय अध्यक्षों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास प्रस्ताव प्रस्तुत किए। गोवर्धन नगर पंचायत के मनीष लंबरदार, छाता के कान्हा सिंह, सौंख के योगेश, बरसाना के पदम चंद्र, राधाकुण्ड के अध्यक्ष और फरह तथा गोकुल क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय जरूरतों व संरक्षण कार्यों से जुड़े प्रस्ताव रखे।
सीईओ ने सभी प्रतिनिधियों से प्रस्ताव लिखित रूप में देने का आग्रह किया और पूर्ण परियोजनाओं के रखरखाव व संचालन को पीपीपी मॉडल पर संबंधित निकायों को हस्तांतरित करने की बात कही।