फैमिली आईडी (एक परिवार एक पहचान) योजना के संबंध में पूर्व में जारी शासनादेश में यह व्यवस्था की गई थी कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित लगभग 3.6 करोड़ परिवारों के लिए उनकी राशन कार्ड संख्या ही फैमिली आईडी मानी जाएगी। वहीं, ऐसे परिवार जो खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित नहीं हैं और राशन कार्ड के पात्र नहीं हैं, उन्हें परिवार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से फैमिली आईडी उपलब्ध कराई जाएगी।
कुछ जिलों से यह जानकारी मिली कि इस व्यवस्था के चलते भ्रम फैल रहा है कि फैमिली आईडी बनवाने पर राशन कार्ड का लाभ नहीं मिल पाएगा। इस पर शासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है:
राशन कार्ड से वंचित लेकिन पात्र परिवार फैमिली आईडी पोर्टल के माध्यम से फैमिली आईडी बनवा सकते हैं। फैमिली आईडी बनने के बाद भी वे पात्रतानुसार किसी भी समय राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। फैमिली आईडी का उनके पात्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
जिन परिवारों की फैमिली आईडी पोर्टल पर बनी है, और बाद में उनका राशन कार्ड बन जाता है, तो राशन कार्ड संख्या ही उनकी फैमिली आईडी मानी जाएगी। राशन कार्ड जारी होते ही वे इसकी सभी सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे।
यदि किसी परिवार का राशन कार्ड निरस्त हो जाता है, तो उनकी फैमिली आईडी में राशन कार्ड संख्या के पांचवें अंक की जगह '8' डालकर नई फैमिली आईडी जारी की जाएगी। शेष सभी अंक पूर्व राशन कार्ड संख्या के अनुसार ही रखे जाएंगे।
शासन ने सभी परिवारों से अपील की है कि फैमिली आईडी और राशन कार्ड को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति से बचें।