उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में सोमवार को परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र और पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत 157 परियोजनाओं की कुल लागत 935.36 करोड़ रुपये है। इनमें से 108 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, 35 प्रगतिशील हैं, तीन निविदा प्रक्रिया में हैं, जबकि 11 परियोजनाएं निरस्त की गई हैं।
प्रगतिशील परियोजनाओं में कोसीकलां स्थित कोकिला वन शनिधाम में परिक्रमा मार्ग निर्माण, टॉयलेट ब्लॉक और सोलर प्लांट स्थापना, कोकिला वन परिक्रमा मार्ग पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाना, मथुरा-वृंदावन के बीच प्रेक्षागृह/ऑडिटोरियम निर्माण, वृंदावन के सुनरख खादर क्षेत्र में सौभरि नगर वन फेज-2, तथा करहला स्थित बज्रनाभ समाधि के पुनरोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं।
प्रमुख सचिव ने प्रगतिशील परियोजनाओं में विलंब पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों। लापरवाही पर संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी विकास कार्य ब्रज की पौराणिक व सांस्कृतिक महत्ता को आधार बनाकर तैयार किए जाएं।
निविदा प्रक्रिया में शामिल तीन प्रमुख कार्य यमुना घाटों का विकास, वृंदावन परिक्रमा मार्ग व अन्य स्थानों पर सीसीटीवी, पीए सिस्टम व आईटीएमएस की स्थापना और कोकिला वन आरक्षित क्षेत्र की आर्द्र भूमि पर ईको-पर्यटन स्थल का विकास हैं।
उन्होंने पर्यटक सुविधा केंद्रों को शीघ्र पूर्ण करने और पर्यटकों की संख्या, आयु वर्ग, आयोजनों व सीजन से संबंधित विस्तृत डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कुंडों के जीर्णोद्धार एवं विरासत के अनुरूप आकर्षक विकास के निर्देश भी दिए। प्रमुख सचिव ने साइन बोर्डों को मानक अनुसार बदलने, नगर आयुक्त को सफाई व्यवस्था सुधारने और एसएसपी को यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश भी प्रदान किए।
बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, एमवीडीए उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह, नगर आयुक्त जग प्रवेश, सीईओ सूरज पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।