चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद कुछ लोग फर्जी तरीके से वोट बनवाने का प्रयास कर रहे हैं। गुरुवार को फरीदपुर तहसील में निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने दो मामलों में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी। दो महिलाओं ने नगर पालिका अध्यक्ष के पैड पर बने फर्जी निवास प्रमाण पत्र लगाए थे, जिन पर लगी फोटो किसी तीसरे व्यक्ति की थी।
एडीएम ने दोनों महिलाओं और प्रमाण पत्र बनाने वाले जनसेवा केंद्र संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। जिस जनसेवा केंद्र से आवेदन भरे गए थे, उसे तत्काल सील कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने वोटर रजिस्ट्रेशन, फॉर्म फीडिंग और फील्ड वेरिफिकेशन की समीक्षा भी की। उनके साथ एसडीएम व तहसीलदार प्रशांत शर्मा मौजूद रहे।एडीएम ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फर्जी जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि प्रमाण पत्र जारी करते समय दस्तावेजों की कड़ी जांच और आधार कार्ड के क्यूआर कोड का अनिवार्य क्रॉस-वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि गलत दस्तावेज लगाने वाले व्यक्तियों और जनसेवा केंद्र संचालकों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर जेल भेजने तक की कार्रवाई संभव है। साथ ही किसी राजस्व कर्मी, पालिका कर्मचारी या पंचायत सचिव द्वारा गलत रिपोर्ट लगाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।