सरकार सामाजिक उत्थान और महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए तमाम कार्यक्रम और योजनाएं चला रही है। मगर दहेज की भूख और हैवानियत परिवारों में विघटन पैदा कर रही है। ऐसा ही एक और मामला इज्जतनगर इलाके का सामने आया है। विधवा मां ने बेटी की शादी में 20 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन पति-पत्नी का रिश्ता डेढ़ साल भी ठीक से नहीं चल सका। अब पीड़ित ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के कर्मचारी नगर निवासी आयुष सक्सेना की शादी 25 अप्रैल 2024 को हुई थी। पीड़िता के मुताबिक पिता की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही उसकी मां पर पहले दिन से ही आयुष, उसकी मां नीलम, पिता मनोज और बहन मुस्कान ने रस्मों के नाम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। 2.51 लाख रुपये नकद और सोने के जेवरों टीका की रस्म के समय दिए। मगर ससुरालियों की मांगें लगातार बढ़ती गईं। रिश्ता बनाने के लिए पीड़िता की मां ने पेंशन पर लोन लिया, पिता द्वारा फिक्स की गई राशि तोड़ी और यहां तक कि अपना मकान बेचकर लगभग 20 लाख रुपये खर्च कर दिए।
पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पहुंचने पर उसे दहेज कम लाने के ताने दिए जाने लगे। रोजाना अपमान, मारपीट और पांच-दस लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बढ़ता गया। आरोप है कि आयुष के सगे चाचा संजू सक्सेना और उसका बेटा हर्ष भी घर पर आते और शराब पीकर पीड़िता पर अश्लील हरकतें करते। कई बार जानबूझकर हाथ पकड़ने से लेकर गंदी नजरों तक से परेशान करते। विरोध पर उल्टा आयुष, नीलम और मुस्कान ही पीड़िता को गालियां देते और मारपीट करते।
14 मार्च 2025 होली के दिन हर्ष ने पीड़िता को कमरे में ले जाकर अश्लील हरकत करने की कोशिश की। शोर मचाने पर भी ससुराल पक्ष ने उसे ही दोषी ठहराया और धमकियां देकर चुप करा दिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब 2 सितंबर 2025 को आयुष उसे इंटरव्यू के बहाने नोएडा ले गया और वहां शराब पीकर बदतमीजी की। अगले दिन होटल से बाहर निकलते ही वह उसे नोएडा में ही छोड़कर भाग गया। फिर बड़ी मुश्किल से वह मायके पहुंची।
वह 4 सितंबर को मायके वालों के साथ बातचीत करने अपनी ससुराल पहुंची तो वहां साफ कह दिया गया कि 10 लाख रुपये लेकर आओ, तभी घर में घुसना।” साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता के गहने, कपड़े, जेवर और बैंक खाते से निकाले गए रुपये भी ससुराल वाले हड़प चुके हैं।