जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों की प्रगति, वसूली लक्ष्य और प्रमुख योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों का कर वसूली लक्ष्य निर्धारित समय से पीछे चल रहा है, वे तुरंत गति बढ़ाएं और तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करें। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं से समय पर बिल जमा कराने हेतु विशेष कैंप आयोजित किए जाएं तथा इन कैंपों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
बैठक के दौरान सेमीखेड़ा चीनी मिल की सुस्त कार्यप्रणाली पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और जिला गन्ना अधिकारी को मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को स्वामित्व योजना के तहत प्रगति बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
समीक्षा में पाया गया कि विभिन्न तहसीलों में आय और जाति प्रमाण पत्रों की जांच-पड़ताल की प्रक्रिया को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रमाण पत्र तभी जारी किए जाएं जब सभी तथ्यों की शत-प्रतिशत जांच पूरी हो जाए। साथ ही धारा 34 के अंतर्गत लंबित मामलों का समयसीमा में निस्तारण करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्तर से इन प्रगति बिंदुओं की लगातार निगरानी की जाती है और इन्हीं के आधार पर जिलों की रैंकिंग तय होती है।
डीएम ने कहा कि वर्तमान समय में एसआईआर का कार्य चरम पर है और इसमें तेजी बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी टीमों के साथ मिलकर उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन करें। साथ ही कहा कि जो भी बीएलओ एसआईआर के अंतर्गत बेहतर कार्य करें, उन्हें तहसील स्तर पर बुलाकर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य कार्यकर्ताओं को भी प्रेरणा मिल सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, एडीएम वि/रा संतोष सिंह, एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह, उपायुक्त उद्योग विकास यादव, डिप्टी आरएमओ कमलेश कुमार पांडे सहित संबंधित सभी अधिकारी मौजूद रहे।