साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच थाना प्रेमनगर पुलिस ने एक साइबर पीड़ित के 75,000 रुपये सफलतापूर्वक वापस कराए हैं। साइबर हेल्प डेस्क की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता ने पीड़ित को बड़ी राहत प्रदान की है।
बरेली शहर के मोहल्ला गुलाबनगर निवासी मुनीर रज़ा अजहरी पुत्र अनीस ने 8 नवंबर को अनजाने में एक बड़े वित्तीय नुकसान का सामना किया। उन्होंने गलती से UPI ट्रांसफर के जरिए 75,000 रुपये सिराजुद्दीन पुत्र लिफाकत अली के खाते में भेज दिए। लेनदेन पूरा होने के बाद जब मुनीर रज़ा को इस गलती का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। उन्हें शिकायत संख्या 33111250158087 प्राप्त हुई, जो आगे की कार्यवाही में महत्वपूर्ण साबित हुई।
इसके साथ ही उन्होंने थाना प्रेमनगर में लिखित प्रार्थना पत्र देकर मामले की जानकारी पुलिस को भी दी। थाना प्रेमनगर में गठित साइबर हेल्प डेस्क ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। मामले से जुड़े सभी डिजिटल ट्रेल की पड़ताल की गई और संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर राशि रोकने और वापस कराने का प्रयास किया गया।
उनि अक्षय त्यागी, उनि शुभम कुमार तथा कांस्टेबल अमरीश की टीम ने तेज और प्रभावी प्रयास करते हुए पीड़ित के 75,000 रुपये सुरक्षित वापस कराए। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से मुनीर रज़ा और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।
थाना प्रेमनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें और किसी भी गलती या साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, समय रहते पुलिस को सूचना देना रकम वापस मिलने की संभावनाओं को काफी बढ़ा देता है। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जिले में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे।