जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कार्य में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। टीकारण में लापरवाही करने पर जिले की 11 आशा वर्कर की सेवा समाप्त कर दी गई। वहीं, भुगतान के वाउचर रद्दी की टोकरी में फेंकने के आरोप में शहरी स्वास्थ्य मिशन में तैनात संविदा कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी।
टीकाकरण न कराने वाले परिवारों का राशन होगा बंद
सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। समीक्षा बैठक में वेब परिवारों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि टीकाकरण नहीं कराने वाले कई परिवार लगातार सहयोग नहीं कर रहे हैं। DM ने आदेश दिया कि ऐसे परिवारों की सूची जिला पूर्ति अधिकारी को भेज दी जाए, ताकि उनका राशन कोटेदार से बंद कराया जा सके। इस पर अधिकारियों ने बताया कि सूची भेजी जा चुकी है। नॉन-वैक्शिनेटेड परिवारों की रिपोर्ट एसडीएम को देकर कठोर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
टीका लगवाने के बदले ग्रामीण ने मांगे 10 हजार रुपये
बैठक दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। बताया गया कि शेरगढ़ विकासखंड के एक ग्रामीण ने टीका लगवाने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की है। इस पर DM ने नाराजगी जताई और कहा—एक आदमी की जिद से समाज को खतरे में नहीं डालने दिया जाएगा, इस पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। बैठक में संस्थागत प्रसव की समीक्षा की गई, जिसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। DM ने इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए। डीएम के पूछने पर बताया गया कि सितंबर तक का भुगतान हो चुका है, और अक्टूबर का भुगतान 15–20 दिन में कर दिया जाएगा।
इन इलाकों की आशाओं पर हुई कार्रवाई
सबसे बड़ी कार्रवाई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब कार्य करने वाली आशाओं पर की गई। जाटवपुरा, बहेड़ी, जसौली, सिविल लाइन्स और घेर जाफर खां समेत कई क्षेत्रों की आशा वर्कर की सेवा समाप्त कर दी गई। बैठक में वर्षा सक्सेना, रानी, प्रभापाल, साधना शर्मा, चांदनी रस्तोगी, कल्पना, आशा देवी और डौली की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव समिति में रखा गया, जिस पर DM ने मुहर लगा दी।
बिथरीचैनपुर CHC अधीक्षक ने मोना, निरंजना और रजनी की सेवा समाप्ति की संस्तुति पर सहमति दे दी गई। इसी तरह शहरी स्वास्थ्य मिशन में तैनात संविदा कर्मचारी ज्योति प्रकाश के आशा भुगतान वाउचर रद्दी में फेंकने की पुष्टि होने पर उसकी सेवा समाप्ति की भी मंजूरी दे दी गई।