बिजली विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों ने साठगांठ कर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बने फुटपाथ को बिना अनुमति तोड़कर ट्रांसफार्मर और पोल शिफ्ट कर दिए। ऐसा एक नहीं, बल्कि कई स्थानों पर किया गया है। मामला जब स्मार्ट सिटी के अफसरों के संज्ञान में आया तो अब बिजली विभाग को नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं, मामले की जांच भी आरंभ कर दी गई है।
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, सर्किट हाउस चौराहा के पास रोड नंबर 11 पर स्थापित ट्रांसफार्मर को बिना अनुमति फुटपाथ तोड़कर शिफ्ट कर दिया गया। इसके साथ ही आईसीआईसीआई बैंक के सामने लगे ट्रांसफार्मर, एलपी पैनल और चार पोल बिना किसी स्वीकृति के शिफ्ट कर दिए गए, जबकि इस क्षेत्र की पूरी केबलिंग और संरचनात्मक कार्य स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत किए गए थे। ठेकेदारों के कृत्य से फुटपाथ और नवनिर्मित सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे करोड़ों रुपये की परियोजना प्रभावित हुई। स्मार्ट सिटी अफसरों का कहना है कि ये गंभीर लापरवाही है। इसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग से पहले भी हो चुकी है वसूली
बिजली विभाग का बिना अनुमति के कार्य करने का पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी विकास भवन रोड पर भी बिजली विभाग ने भूमिगत केबल डालने के लिए निगम की बिना अनुमति सड़क की खुदाई कर दी थी, जिस पर बिजली विभाग पर 10 लाख का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन अब इस गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की संस्तुति हो सकती है।
सरकारी परियोजना को नुकसान पहुंचाना गंभीर अनियमितता है। नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, सीईओ, स्मार्ट सिटी कंपनी