महाविद्यालय के संस्थापक एवं दानवीर बाबू बैजनाथ चतुर्वेदी की जयंती तथा विद्यालय का वार्षिकोत्सव आज उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रबंधक एवं न्यासी राकेश तिवारी एडवोकेट द्वारा मुख्य अतिथि महेश पाठक तथा अध्यक्ष राकेश राजेंद्र प्रसाद चतुर्वेदी के साथ मिलकर बाबूजी एवं गणेश जी की प्रतिमा के पूजन से हुआ। प्रतिमा वंदना के पश्चात दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण के साथ समारोह का उद्घाटन किया गया।
प्रारंभिक सत्र में प्रबंधक/न्यासी राकेश तिवारी ने दानवीर बाबू बैजनाथ चतुर्वेदी के व्यक्तित्व, कृतित्व और शिक्षा के प्रति उनके योगदान का विस्तृत परिचय कराया। उन्होंने कहा कि बाबूजी की दूरदृष्टि और समाज upliftment की भावना के कारण यह संस्थान आज शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान स्थापित कर चुका है। समारोह में विद्यालय के संरक्षक एवं मुख्य अतिथि श्री महेश पाठक का स्वागत अध्यक्ष और मंत्री नवीन नागर द्वारा किया गया। इसके बाद प्राचार्य संजय दुबे और मंत्री नवीन नागर ने अध्यक्ष का सम्मान कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
वार्षिकोत्सव के अंतर्गत शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर स्मृति चिन्ह एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि यह सम्मान आगामी प्रयासों के लिए प्रेरणा स्रोत होगा। इसके बाद दो प्रतिष्ठित विद्वान सोमनाथ शास्त्री और मधुकर नागर का भी अंगवस्त्र एवं सम्मान-पत्र देकर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान गिरधारी लाल पाठक, विनोदम चतुर्वेदी, उपेन्द्र चतुर्वेदी, नवनीत चतुर्वेदी, आशीष चतुर्वेदी, नीरज चतुर्वेदी, अमित चतुर्वेदी, अनिल चतुर्वेदी, संजय चतुर्वेदी, गुड़ीराम चतुर्वेदी, अरविंदम चतुर्वेदी, प्राचार्य संजय कुमार दुबे, माध्यमिक प्राचार्य संजय कुमार भट्ट, शालिनी चतुर्वेदी, रंजना चतुर्वेदी, प्रमोद चतुर्वेदी, प्रशांत चतुर्वेदी और कमल चतुर्वेदी प्रमुख रूप से शामिल रहे। संचालन प्रबंधक एवं न्यासी राकेश तिवारी एडवोकेट ने किया।