जागरण टुडे। कासगंज जनपद के कस्बा गंजडुंडवारा में मंगलवार के दिन दर्द और सदमे की लहर दौड़ गई। क्यों कि क्षेत्र की निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता का प्रतीक बने पत्रकार शकील अंसारी (55) अब इस दुनिया में नहीं रहे। दिल्ली के एम्स अस्पताल में लंबे समय से गले के कैंसर से जूझ रहे शकील अंसारी ने अंतिम सांस ली और उनके जाने की खबर मिलते ही पूरा कस्बा शोक में डूब गया।लम्बे समय तक बेखौफ पत्रकारिता करने वाले शकील अंसारी क्षेत्र के उन चुनिंदा पत्रकारों में शामिल थे, जिनकी कलम सच लिखने से कभी डरी नहीं। उनकी निष्पक्ष रिपोर्टिंग और समाजिक मुद्दों पर बेबाक आवाज क्षेत्र की पहचान बन चुकी थी।उनके निधन पर पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
मंगलवार शाम करीब 6 बजे उनके पार्थिव शरीर को थाना रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी—हर चेहरा नम और हर दिल भारी था।
शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में शिवशंकर गुप्ता, अंशुमान सक्सेना, सरवर हुसैन, अनिल सिंह राठौर, जुम्मन कुरैशी, नूरुल इस्लाम, आमिर कुरैशी, सत्य प्रकाश राठौर, गौरव गुप्ता, देवेंद्र शाक्य, उदित विजयवर्गीय, डॉ. नेमचंद्र सक्सेना, जीतू सिंह, मोरध्वज, राशिद अब्बासी, अनवर खां, गोपाल गुप्ता, वसीम और आले इमरान सहित अनेक लोग शामिल रहे। सभी ने उनकी मौत को पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति बताया।