बहेड़ी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी परखने के लिए एक व्यापक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में रेलवे और सुरक्षा विभागों के सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें एडीआरएम, एसीएम, डीओएम, एसआर, मेडिकल टीम, इलेक्ट्रिकल, कमर्शियल, एस एंड टी (सिग्नल एंड टेलीकॉम) विभाग, इंजीनियरिंग, टीआरडी, सिविल पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ, ऑपरेटिंग स्टाफ, एनडीआरएफ और सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की टीमें शामिल रहीं।
कैसे हुआ मॉक ड्रिल का संचालन
मॉक ड्रिल में आतंकी हमले, बम की सूचना और ट्रेन दुर्घटना जैसे संवेदनशील परिदृश्यों को आधार बनाकर कार्रवाई की गई।सायरन बजाकर स्टेशन पर काल्पनिक आपातकाल की स्थिति बनाई गई, जिसके बाद सभी सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। RPF, पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से ‘घायल यात्रियों’ को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल भेजने का सफल अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य
>संयुक्त समन्वय का मूल्यांकन: यह परखना कि आपदा की घड़ी में सभी विभाग कितनी तेजी और तालमेल के साथ काम कर सकते हैं।
>प्रतिक्रिया समय में सुधार: प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी को समझे और बिना देरी के कार्रवाई कर सके।
>जन-जागरूकता: यात्रियों को आपात स्थिति में आवश्यक सावधानियों और सुरक्षा निर्देशों से अवगत कराना
बहेड़ी में अन्य आपदा अभ्यास
इससे पहले भी बहेड़ी तहसील में SDRF द्वारा एक दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कराया गया था। इसमें बाढ़, इमारत ढहने या स्कूल-अस्पताल जैसे स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने हेतु संभावित आतंकी हमले जैसे परिदृश्यों पर भी समय-समय पर अभ्यास आयोजित किए जाते रहे हैं।