मौलाना तौकीर रजा के करीबी मोहम्मद आरिफ द्वारा अवैध अवैध रूप से बसाई कॉलोनी फाइक इन्क्लेब पर बीडीए का शिकंजा कसने लगा है। मंगलवार को बीडीए टीम ने कॉलोनी के दर्जनों मकानों पर लाल निशान लगा दिए, जिससे साफ संकेत मिल गया है कि अब अगला कदम ध्वस्तीकरण ही होगा। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद फाइक इंक्लेव में रहने वाले परिवारों में अफरा-तफरी मच गई है।
बीडीए अधिकारियों के अनुसार कॉलोनी में दो दर्जन से अधिक भवन बिना नक्शा पास कराए खड़े किए गए थे। पिछले दो महीनों में आई लव मोहम्मद पोस्टर हटाने के विरोध में हुए बड़े बरेली बवाल के बाद बीडीए, पुलिस और प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई मोड में है। इससे पहले मोहम्मद आरिफ का आलीशान शोरूम और मार्केट भी बुलडोज़र की भेंट चढ़ चुका है। अब उसी श्रृंखला में फाइक इंक्लेव को भी टारगेट किया जा रहा है।
कॉलोनी के उन मकानों पर भी निशान लगाए गए हैं, जिन पर आरोप है कि 26 सितंबर के बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर को शरण दी गई थी। फरहत खान के घर को बीडीए पहले ही सील कर चुका है। लाल निशान लगने के साथ ही कॉलोनी में खौफ का माहौल बन गया। लोग रातों-रात अपना जरूरी सामान उठा रहे हैं, कई परिवार रिश्तेदारों के यहां शरण ले चुके हैं।
बरेली बवाल में शामिल संदिग्धों की सूची बीडीए और पुलिस प्रशासन पहले ही शासन को भेज चुका है। सूत्रों के अनुसार इसी सूची के आधार पर कार्रवाई तेज की गई है और अब किसी भी वक्त बुलडोज़र गरज सकता है। चिन्हित मकानों के ध्वस्तीकरण में औपचारिकता मात्र शेष है।लाल निशान लगते ही फाइक इंक्लेव की गलियों में अफवाहों की बाढ़ आ गई है। कुछ निवासी बीडीए दफ्तर में चक्कर काट रहे हैं तो कुछ स्थानीय नेताओं के जरिए राहत की उम्मीद तलाश रहे हैं।
बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने स्पष्ट कहा कि अवैध निर्माण और बिना नक्शा पास कराए बने मकानों पर अब कोई ढील नहीं दी जाएगी। फाइक इंक्लेव में सर्वे तेज कर दिया गया है और कार्रवाई तय है।