बरेली शहर के विकास और पर्यावरण सुधार के लिए प्रशासन अब बड़े पैमाने पर सख्त और तेज कदम उठाने जा रहा है। डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई एनकैप (नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम) बैठक में नगर आयुक्त संज्ञव कुमार मौर्य ने शहर की सड़कों, हरित क्षेत्रों और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में तैयार किए गए प्रस्ताव पेश किए। लंबी मंथन प्रक्रिया के बाद 50.88 करोड़ रुपये के विकास प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी गई। यह पूरा बजट शहर को साफ-सुथरा, हरा-भरा और सुगम यातायात वाला बनाने के उद्देश्य से खर्च किया जाएगा।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला बायोडाइवर्सिटी पार्क के निर्माण को लेकर लिया गया। यह पार्क इनवर्टिस यूनिवर्सिटी के बगल में विकसित किया जाएगा, जहां हरियाली, ऑक्सीजन ज़ोन और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही शहर की कई प्रमुख सड़कों पर हॉटमिक्स रोड, सीसी रोड और साइड पटरी निर्माण के प्रस्ताव भी पास किए गए, जिससे आवागमन बेहतर होगा और गली-मोहल्लों की दशा सुधरेगी।
डीएम ने मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लखनऊ में लागू मॉडल का अध्ययन कर उसी पैटर्न को बरेली में अपनाया जाए। इसी कड़ी में बड़ी कान्हा गौशाला बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई और उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के आदेश दिए गए। नवाबगंज तहसील की उपलब्ध भूमि का भी उपयोग करने की संभावनाओं पर विचार हुआ। नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि डिफेंस की जमीन पर गौशाला निर्माण का विकल्प भी खुला है।
शहरवासियों की नजर इस बजट पर टिकी है, क्योंकि 50.88 करोड़ की यह रकम यदि तय योजना के अनुसार खर्च होती है तो आने वाले महीनों में शहर की सूरत noticeably बदल सकती है। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीक्षा भंडारी, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, एक्सईएन राजीव कुमार राठी, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।