Friday, January 30, 2026

Bareilly News- नए लेबर कोड मज़दूरों के अधिकारों पर चोट बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा

लेखक: Vishal Kumar | Category: उत्तर प्रदेश | Published: November 27, 2025

Bareilly News- नए लेबर कोड मज़दूरों के अधिकारों पर चोट बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा

जागरण टुडे, बरेली

देशव्यापी प्रतिरोध दिवस के मौके पर बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के पदाधिकारी जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में चारों लेबर कोड का विरोध करते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की गई। महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि 29 अलग–अलग श्रम कानूनों को मिलाकर बनाए गए चार लेबर कोड “Ease of Doing Business” के नाम पर मज़दूरों के दशकों के संघर्ष से मिले अधिकारों को कमजोर करते हैं। इन कोड्स से नियोक्ताओं को ‘Hire and Fire’ की खुली छूट मिलेगी और यूनियनों की सामूहिक सौदेबाज़ी की ताकत कम हो जाएगी। शांतिपूर्ण हड़ताल पर भी दंडात्मक कार्रवाई संभव होगी।

कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अंचल अहेरी ने कहा कि नए कोड लागू होने से कंपनियाँ कम समय के लिए मजदूरों को रखकर अनुबंध समाप्त होने पर हटा सकेंगी, जिससे ठेका प्रथा को वैधता मिलेगी।इंकलाबी मजदूर केंद्र के हरगोविंद ने कहा कि ये कोड मज़दूर वर्ग को गुलामी की ओर धकेलते हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, यूनियन बनाने के अधिकार और हड़ताल की आज़ादी पर भारी पाबंदियाँ लगाई गई हैं। जिला स्तर के लेबर कोर्ट समाप्त होने से न्याय और कठिन हो जाएगा।



उपाध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि ठेका मज़दूरों की संख्या 15.5% से बढ़कर 27.9% हो गई है, और नए कोड लागू होने के बाद नियोक्ताओं की जवाबदेही और कम हो जाएगी।क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के मोहम्मद फैसल ने कहा कि फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट खत्म होते ही मजदूर बेरोज़गार हो जाएंगे। 300 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों को मनमानी छंटनी की छूट मिलेगी, जिससे 93% मज़दूर लेबर कोड की सुरक्षा से बाहर हो जाएंगे।

शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के अध्यक्ष हरि शंकर ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के 93% मज़दूरों का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा और प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की जवाबदेही भी खत्म हो जाएगी।मार्केट वर्कर्स यूनियन के मोहित देवल ने कहा कि केवल 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में पीएफ अनिवार्य रहने से छोटे उद्यम बाहर हो जाएंगे।क्रांतिकारी किसान मंच के हिमांशु ने कहा कि मजदूर–किसान एकता ही इन समस्याओं के समाधान का रास्ता है।

सभा व ज्ञापन में अरविंद शुक्ला, रामसेवक, पप्पू, अंकित, विमल, संजय, निशा, कैलाश, राहुल गौड़, के.पी. सिंह, सतेंद्र, भारत सिंह, एडवोकेट यशपाल, एडवोकेट टी.डी. भास्कर, सतीश कुमार सिंह, लालजी कुशवाहा, बालकराम, सौरभ कुमार, उमेश, रमजान अली, ईश्वर चंद आदि मौजूद रहे।

No ads available.

Get In Touch

BDA COLONY HARUNAGLA, BISALPUR ROAD BAREILLY

+91 7017029201

sanjaysrivastav1972@gmail.com

Follow Us

© 2026 Jagran Today. All Rights Reserved.