यूपी के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान से वही लोग घबरा रहे हैं, जिन्हें आशंका है कि मतदाता सूची के सत्यापन में घुसपैठियों के नाम हट जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाताओं का सत्यापन चुनाव आयोग का दायित्व है और इसमें सरकार की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती।
बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने बरेली पहुंचे वित्तमंत्री ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एसआईआर से आम मतदाता न डर रहा है और न ही इसमें किसी प्रकार की जटिलता है। यह एक नियमित प्रक्रिया है, जो हर चुनाव से पहले होती है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा एसआईआर की अवधि बढ़ाने की मांग पर उन्होंने कहा कि अभियान पूरा होने में अभी आठ दिन शेष हैं। जिन मतदाताओं को फॉर्म भरना है, वे आसानी से निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। सत्यापन में किसी तरह की अनियमितता नहीं है और यह पूरी तरह चुनाव आयोग द्वारा संचालित है।
स्कूलों में वंदे मातरम के सामूहिक गायन को लेकर उठे विरोध पर वित्तमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम देश की स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा रहा है और इसे स्वतंत्रता सेनानियों का प्रिय गीत माना जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान भाव रखना हर नागरिक का दायित्व है।
इस दौरान भाजपा कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, नवाबगंज विधायक डॉ एमपी आर्य, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, गुलशन आनंद सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वित्तमंत्री से मिले रबर फैक्टरी के कर्मचारी
फतेहगंज पश्चिमी स्थित बंद पड़ी रबर फैक्टरी के कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन-भत्ते के भुगतान को लेकर वित्तमंत्री से मुलाकात की। कर्मचारियों ने बताया कि अदालत से उनके पक्ष में आदेश होने के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस पर वित्तमंत्री ने कहा कि कर्मचारी मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से सभी कागजातों के साथ मिलकर अपनी समस्या रखें। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमों के अनुसार जो भी सहायता संभव होगी, प्रदान की जाएगी।
वित्तमंत्री का कैंट विधायक ने किया स्वागत
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के बरेली सर्किट हाउस पहुंचने पर कैंट विधायक एवं भाजपा प्रदेश सह कोषाध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने पटका पहनाकर एवं पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर अनुपम कपूर, अतुल कपूर, डॉ विनोद पागरानी, सोनू कालरा, अमरीश कठेरिया, अशोक ठाकुर एवं महेंद्र आदि साथ रहे।