विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान की रफ्तार परखने के लिए मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह ने गुरुवार को मथुरा की तहसील सदर सभागार का औचक निरीक्षण किया। सभागार में बीएलओ और कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा गणना प्रपत्रों की फीडिंग व डिजिटाइजेशन तेज़ी से जारी था। मंडलायुक्त ने मौके पर पहुंचकर संपूर्ण प्रक्रिया की गहराई से जानकारी ली और ऑपरेटरों से पूछा कि कैसे और कितनी शुद्धता से फीडिंग हो रही है?
निरीक्षण के दौरान चारों कंप्यूटर ऑपरेटरों ने बताया कि उन्होंने आज 121, 116, 93 और 86 फॉर्म ऑनलाइन कर दिए हैं। यह सुनकर मंडलायुक्त ने कार्य की गति और अनुशासन की सराहना की। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने अवगत कराया कि जिले की सभी पांच तहसीलों में 100–100 कंप्यूटर ऑपरेटर शिफ्टवार फीडिंग कार्य में लगाए गए हैं, ताकि अभियान की समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल किया जा सके।
मंडलायुक्त ने बीएलओ, सुपरवाइजरों और सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों को साफ शब्दों में कहा कि यह अभियान सिर्फ कागज़ी काम नहीं, बल्कि मतदाता के अधिकार से सीधा जुड़ा हुआ दायित्व है। उन्होंने चेताया कि फीडिंग में एक्यूरेसी ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। छोटी-सी गलती मतदाता सूची की शुद्धता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए हर एंट्री सौ प्रतिशत सही होनी चाहिए।
कार्य की गुणवत्ता पर संतोष जाहिर करते हुए उन्होंने 100 प्रतिशित कार्य पूरा करने वाले 08 बीएलओ और दो उत्कृष्ट कंप्यूटर ऑपरेटरों को सम्मानित किया। इनमें बीएलओ रनवीर सिंह, योगेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, चंद्र शेखर, मनीष कुमार, रीमा शर्मा, निशा अग्रवाल और कैलाश गौतम शामिल रहे। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर प्रेम चौधरी और विपुल कश्यप को श्रेष्ठ कार्य के लिए सम्मान मिला।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त के साथ जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त जग प्रवेश, मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।