कलेक्ट्रेट सभागार मथुरा में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में 11वीं जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने जिले में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसदी की कमी लाना अनिवार्य लक्ष्य है, और किसी भी परिस्थिति में इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
शीत ऋतु और कोहरे की बढ़ती संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और NHAI को निर्देशित किया कि सड़क किनारे लगे पेड़ों की समय से छंटाई कराई जाए और सभी पेड़ों पर रेडियम पट्टियां लगाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही एआरटीओ को आदेशित किया गया कि NHAI और यमुना एक्सप्रेसवे पर अनाधिकृत रूप से खड़े वाहनों पर सघन प्रवर्तन कार्रवाई चलाएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेडियम पट्टी अनिवार्य रूप से लगाई जाए, जिससे रात के समय होने वाली दुर्घटनाएँ रोकी जा सकें।
जिले में जीरो फेटैलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक (यातायात), जिला चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अभियंता (PWD) और एआरटीओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया। बैठक में सेव लाइफ फाउंडेशन दिल्ली द्वारा ई-डार डेटा आधारित दुर्घटना विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें बताया गया कि जिले के 21 थाना क्षेत्रों में से 09 क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ 39 स्थानों पर सर्वाधिक दुर्घटनाएँ हो रही हैं। इसमें मुख्यतः NH-44, SH-33 और SH-44 दुर्घटना-प्रभावित मार्ग पाए गए हैं, और अधिकतर दुर्घटनाएँ दोपहर 3 बजे से रात 12 बजे के बीच हो रही हैं।
जिलाधिकारी ने परिवहन एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि इस समयावधि में जनजागरूकता अभियान चलाते हुए नियम तोड़ने वालों पर शत-प्रतिशत दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को यह भी निर्देशित किया कि इन 09 थाना क्षेत्रों में एंबुलेंस 24 घंटे उपलब्ध रहें और दुर्घटना होने पर घायलों को तुरंत निकटतम सरकारी या निजी अस्पताल में पहुंचाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीषा मीना, एसपी ट्रैफिक मनोज कुमार यादव, एआरटीओ प्रवर्तन राजेश राजपूत, एआरटीओ प्रशासन नीतू सिंह, NHAI, लोक निर्माण विभाग और अन्य स्टेकहोल्डर विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।