प्रदेश सरकार के निर्देश पर सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ अभियान 24 नवंबर से शुरू हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस विशेष अभियान का मकसद न सिर्फ शहरों में स्वच्छता को मजबूती देना है, बल्कि लोगों में प्लास्टिक-मुक्त जीवनशैली को आदत बनाना भी है।
नगर आयुक्त ने अभियान को सख्ती से लागू करने के लिए साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक उपयोग, भंडारण और विक्रय करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पॉलीथिन रखने, बेचने या इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति या व्यापारी को किसी भी हाल में बख्शा न जाए। नगर आयुक्त ने टीमों को निर्देशित किया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त की जाए और उसकी जगह पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए।
सहायक नगर आयुक्त कल्पना सिंह चौहान ने शहर के सभी जोनों में सफाई निरीक्षकों और ईटीएफ टीमों के साथ विशेष अभियान चलाया। टीमों ने बाजारों, दुकानों, गलियों और थोक विक्रेताओं के ठिकानों पर अचानक छापेमार कार्रवाई की। सघन निरीक्षण में कई स्थानों पर प्रतिबंधित पॉलीथिन का भंडारण और उपयोग पाया गया। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग वार्डों में पॉलीथिन उपयोग करने वालों से 25,000 रुपये जुर्माना वसूला गया, जबकि लगभग 15 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त की गई, जिसे नियमानुसार निस्तारित किया जाएगा।
छापामार टीमों ने दुकानदारों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों को चेतावनी दी कि यदि पॉलीथिन मिली तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों को जूट, कपड़े और अन्य पर्यावरण-अनुकूल बैग अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि बाजारों को पूरी तरह प्लास्टिक-मुक्त बनाया जा सके।
सहायक नगर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि प्रतिबंधित सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण या विक्रय न करें, क्योंकि यह न सिर्फ कानून के खिलाफ है बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने साफ कहा कि शहर को प्लास्टिक-फ्री बनाने में प्रशासन जितना सक्रिय है, उतना ही सहयोग नागरिकों का जरूरी है।