जागरण टुडे, कासगंज।
थाना गंजडुंडवारा क्षेत्र में 22 नवंबर को हुए युवक आवेश शाक्य हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने दो शातिर आरोपियों—अमन सिंह उर्फ अभय प्रताप सिंह और नवनीत शाक्य—को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, जिंदा व खोखा कारतूस, मृतक का टूटा मोबाइल, तीन मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।
23 नवंबर को मृतक के पिता हरिश्चंद्र शाक्य ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका पुत्र आवेश 22 नवंबर की सुबह दस बजे घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। अगले दिन गणेशपुर नहर पटरी के पास उसका शव मिला, जिसके बाद अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी व फोरेंसिक साक्ष्यों तथा पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
जांच में पता चला कि आरोपी अमन सिंह खुद को ‘पुलिस से काम कराने वाला’ बताकर लोगों से वसूली करता था और मृतक आवेश का अपने चाचा हरिसिंह से नाली विवाद को लेकर विवाद चल रहा था। इसी मनमुटाव को आधार बनाकर अमन ने पहले आवेश और उसकी मां से पैसे ऐंठे और बाद में इसी दुश्मनी को हत्या की साजिश का हिस्सा बना लिया। अमन ने अपने साथी नवनीत को भी योजना में शामिल कर लिया।
22 नवंबर को अमन ने अवैध हथियारों की व्यवस्था की। उसने नवनीत को एक तमंचा दिया और फिर आवेश को फोन कर मोहनपुर फाटक पर बुलाया। दोनों आरोपी आवेश को बाइक पर बैठाकर नहर किनारे एकांत स्थान पर ले गए, जहां पीछे से सिर और कनपटी पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों आरोपी मृतक के घर भी गए, जिससे उन पर किसी को शक न हो। लौटते समय उन्होंने आवेश का मोबाइल तोड़कर खेत में फेंक दिया और हथियार छिपा दिए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 3(5) बीएनएस तथा आयुध अधिनियम की धाराओं में वृद्धि करते हुए जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने खुलासा करने वाली संयुक्त टीम को ₹25,000 के पुरस्कार की घोषणा की है।