समाजवादी पार्टी के बरेली–मुरादाबाद खंड शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी दानिश अख़्तर रविवार को पहली बार बरेली सपा कार्यालय पहुंचे। जहां पार्टी पदाधिकारियों ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। स्वागत के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में दानिश अख़्तर ने कहा कि प्रदेश में वित्तविहीन शिक्षकों का उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है। यदि उन्हें चुनाव में समर्थन मिलता है, तो वे विधान परिषद में इन शिक्षकों की आवाज़ को प्रभावी और मजबूती से उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का निर्माण करते हैं, इसलिए उनका मुख्य कार्य केवल शिक्षा देना होना चाहिए। शिक्षकों को शिक्षा के अलावा अन्य गैर-जरूरी कार्यों में लगाकर उनका समय और ऊर्जा नष्ट की जा रही है, जो उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि शिक्षकों को केवल अपने मूल कार्य पर ध्यान देने का अवसर मिले, ताकि वे बेहतर ढंग से विद्यार्थियों का भविष्य संवार सकें।
दानिश अख़्तर ने एसआईआर की समय-सीमा को तीन महीने तक बढ़ाने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि मौजूदा समय-सीमा शिक्षक हित में नहीं है और इसे बढ़ाने से उनका कार्य काफी आसान हो जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधायक बनने के बाद वे शिक्षक समस्याओं को प्राथमिकता देंगे और उनकी आवाज़ को सदन में प्रभावी ढंग से रखेंगे।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम ख़ां सुल्तानी, प्रदेश सचिव शुभलेश यादव, विशेष आमंत्रित सदस्य संजीव सक्सेना, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद विष्ट, सैय्यद हैदर अली, महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा, पार्षद दल नेता गौरव सक्सेना, राजेश मौर्या, रामप्रकाश यादव, सुरेन्द्र सोनकर, मुश्ताक अहमद, इश्तियाक सकलैनी, वरिष्ठ पार्षद मो. आरिफ़ कुरैशी मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवजन सभा जिलाध्यक्ष मोहित भारद्वाज, महिला सभा जिलाध्यक्ष स्मिता यादव सहित कई अन्य नेता भी शामिल रहे।