श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास द्वारा मंदिरों में दीपदान कार्यक्रम की शुरुआत 84 खंबा मंदिर, महावन से कर दी गई है। पदाधिकारियों ने यहां सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में प्रार्थना की। 6 दिसंबर तक चलने वाले इस दीपदान अभियान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और न्यास के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि इतिहास में मुगल शासकों द्वारा तलवार के बल पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पर अवैध कब्जा किया गया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायालय की प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत यह कब्जा जल्द हटेगा। उन्होंने कहा कि जैसे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आज़ाद हुआ और भव्य निर्माण हुआ, वैसे ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि भी शीघ्र मुक्त होगी।
इस अवसर पर संघर्ष न्यास के प्रदेश अध्यक्ष एवं हिंदूवादी नेता गुंजन शर्मा ने कहा कि 6 दिसंबर सनातन समाज के लिए शौर्य दिवस है। उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक मंदिरों पर हुए आक्रमणों की स्मृति आज भी समाज के सामने जीवंत है, इसलिए जन्मभूमि की मुक्ति का संकल्प अधिक प्रबल होता है। दीपदान इसी भाव के साथ किया गया है कि मथुरा में श्रीकृष्ण का दिव्य मंदिर पूरी तरह स्वतंत्र हो सके।
विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता जयराम शर्मा ने कहा कि सभी सनातन धर्मावलंबी जन्मभूमि की स्वतंत्रता की कामना करते हैं। वहीं आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि दिनेश फलाहारी महाराज एक बड़े तपस्वी हैं और बृजवासियों का पूरा समर्थन उनके साथ है।
कार्यक्रम में प्रदेश मंत्री डॉ. मनोज सिंह, जिला उपाध्यक्ष आशु दीक्षित, जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर, प्रदेश मंत्री पवन पांडे, हरिदास बाबा, जयराम शास्त्री, मधुबन शास्त्री, आनंद बल्लभ शास्त्री, राहुल गौतम, अनु पाठक सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल रहे।